योगी कैबिनेट विस्तार में पांच नए मंत्रियों को विभाग आवंटित

लखनऊ/एजेंसी। योगी सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार हो गया है। वहीं अब योगी सरकार में विस्तार में शामिल नेताओं को विभागों का आवंटन कर दिया गया है। ओमप्रकाश राजभर को पंचायती राज एवं अल्पसंख्यक कल्याण की जिम्मेदारी दी गई है। दारा सिंह चौहान को कारागार, सुनील शर्मा को आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स का जिम्मा सौंपा गया है। वहीं अनिल कुमार को विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और धर्मवीर प्रजापति को नागरिक सुरक्षा एवं होमगार्ड विभाग की जिम्मेदारी संभालेंगे। बता दें कि चर्चा थी कि योगी आदित्यनाथ दो से तीन विभागों की जिम्मेदारी संभालने वाले मंत्रियों का बोझ हल्का करेंगे।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार के पहले कैबिनेट विस्तार में चार नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई गई थी। राजभवन के गांधी सभागार में आयोजित समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सभी को शपथ दिलाई। सबसे पहले जहूराबाद के विधायक ओम प्रकाश राजभर ने शपथ ली। दूसरे नंबर पर एमएलसी दारा सिंह चौहान, तीसरे नंबर पर रालोद से पुरकाजीपुर के विधायक अनिल कुमार तथा चौथे नंबर पर साहिबाबाद के भाजपा विधायक सुनील कुमार शर्मा ने शपथ ली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शपथ ग्रहण समारोह में उपस्थित थे।
योगी मंत्रीमंडल विस्तार में दो नामों की खूब चर्चा रही। इसमें पहले नंबर पर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर और दूसरा नाम दारा सिंह चौहान का है। दारा सिंह चौहान ने 2022 विधानसभा चुनाव समाजवादी पार्टी के साथ लड़कर जीत हासिल की। मगर सपा से उन्होंने किनारा किया, जिसके चलते घोसी में उपचुनाव हुआ। हालांकि उपचुनाव बीजेपी के प्रत्याशी के रूप में चुनावी मैदान में दारा सिंह को सपा उम्मीदवार सुधाकर सिंह ने हरा दिया। इसके बाद दारा सिंह की जमकर फजीहत हुईस लेकिन हाल ही में बीजेपी से एलएमसी बनने के बाद उन्हें मंत्रिमंडल में जगह मिली।
ओपी राजभर ने 2022 का विधानसभा चुनाव सपा के साथ गठबंधन करके लड़ा लेकिन यूपी में बीजेपी सरकार की दोबारा वापसी हुई। इसके बाद सुभासपा अध्यक्ष ने सपा मुखिया पर आरोप लगाते हुए किनारा कर लिया। फिर मई 2023 में एनडीए का हिस्सा बने। हालांकि, जातिगत आधार से देखा जाए तो पूर्वांचल के 18 जिलों में राजभर मतदाता अच्छी तादाद में हैं। ओम प्रकाश राजभर की अपनी जाति पर अच्छी पकड़ रखते हैं और उनकी पार्टी के 6 विधायक भी हैं।
पश्चिमी यूपी की 10 सीटों दलितों का वर्चस्व
सुनील कुमार शर्मा पेशे से वकील हैं, जिनको लेकर चर्चा है कि उनका नाम केंद्रीय नेतृत्व की तरफ से आगे बढ़ाया गया है। क्योंकि पश्चिम यूपी की करीब 10 लोकसभा सीटों पर ब्राह्मण निर्णायक भूमिका निभाते हैं। ऐसे में बीजेपी ने सुनील शर्मा को मंत्रिमंडल में शामिल किया है। बता दें कि सुनील गाजियाबाद की साहिबाबाद विधानसभा सीट से BJP से लगातार दूसरी बार जीते हैं।
2017 के चुनाव में सुनील शर्मा को कुल 2 लाख 62 हजार 741 वोट मिले थे। वहीं राष्ट्रीय लोकदल से आने वाले अनिल कुमार दलित समुदाय से आते हैं। वो एक ऐसी पार्टी के साथ सियासत करते हैं, जो किसानों की आवाज उठाती है। यही नहीं पश्चिम की 10 सीटों पर दलितों का वर्चस्व है। ऐसे में लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए इन नेताओं को जगह मिली है।

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