रस्सी पर लड़खड़ाता देश का भविष्य,पेट के लिए सड़कों पर ‘करतब’ दिखाने को मजबूर है 10 साल की बच्ची

हाथरस,(उत्तर प्रदेश)। हाथरस में दो वक्त की रोटी के लिए एक 10 साल की बच्ची जान जोखिम में डालने को मजबूर है। जिस उम्र में उसे पढ़ाई-लिखाई करनी चाहिए, उस उम्र में बच्ची एक पतली रस्सी पर सिर्फ एक लाठी के सहारे करतब दिखा रही है। जिम्मेदारों से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता तक सड़क से गुजरे, लेकिन किसी ने भी उस ओर ध्यान नहीं दिया। मौके पर मौजूद लोग बच्ची के करतब पर तालियां बजा रहे थे।
करतब दिखा रही बच्ची के पिता ने बताया कि वह छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं। दो वक्त की रोटी के लिए वह शहर-शहर जाकर तमाशा करते हैं। इसी से उनकी रोजी-रोटी चलती है। यह उनका पुस्तैनी काम है।
जब उनसे पूछा गया कि बच्ची से इतनी छोटी उम्र में इतना खतरनाक काम क्यों करवा रहे हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि यह उनका पुश्तैनी काम है। जब हम छोटे थे तो हम भी यही करते थे। हमारे बाप-दादा भी यही करते थे। ईश्वर की कृपा से हमारे साथ अभी तक कोई हादसा नहीं हुआ है।बाल कल्याण के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाएं सड़कों पर दम तोड़ रही हैं। जिन सड़कों पर बच्ची करतब दिखा रही है, वहां से अधिकारी भी गुजरते हैं। इसके बावजूद किसी ने इस ओर ध्यान नहीं दिया।
बच्ची के पिता ने बताया कि हम यह सब मजबूरी में करते हैं। किसी को शौक नहीं होता है, अपने बच्चों से खतरनाक काम करवाने का। न हमारे पास रहने के लिए घर है और न ही दूसरा कोई काम। हमारे बुजुर्ग भी यही काम करते थे। हमने भी यही किया। अब हमारे बच्चे कर रहे हैं। हमें इसके अलावा दूसरा कोई काम करना नहीं आता है। इसी से हमारी रोजी-रोटी चलती है।




