महंगाई का दर्द! डायबिटीज मरीजों की बढ़ी चिंता, इंसुलिन की कार्टेज हुई महंगी

नई दिल्ली। डायबिटीज की बीमारी से जूझ रहे मरीजों को अब महंगाई का भी दर्द सहना पड़ रहा है। आलम यह है कि बीते कुछ महीनों से इंसुलिन की कार्टेज की कीमत में करीब 10 से 15 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिससे मरीज परेशान हैं। हालांकि, देश में ज्यादातर इंसुलिन कार्टेज की सप्लाई विदेश से होती है। लेकिन इसकी कीमत बढ़ने से इंसुलिन डिस्ट्रीब्यूटर भी हैरान हैं।
कैंसर की बीमारी से जूझ रहे रवि प्रकाश ने कुछ दिन पहले ही सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा कि ‘एक नामी कंपनी के इंसुलिन का एक कार्टेज जनवरी में 900 रुपये में मिल रही थी। अब उसकी कीमत 990 रुपये हो गई है। मतलब, प्रति कार्टेज में 10 प्रतिशत का इजाफा हुआ है। मैं हर महीने ऐसे 4 कार्टेज खरीदता हूं। मेरा बजट 360 रुपये बढ़ गया है। एनबीटी से बात करते हुए रवि बताते हैं वह लंग कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। जो चौथे स्टेज पर पहुंच गया है। कैंसर के बाद उन्हें डायबिटीज की भी समस्या हो गई है। उनका कहना है कि दवा और इंसुलिन की बढ़ रही बेहिसाब दाम से कैंसर और डायबिटीज से ग्रसित मरीजों का दर्द और बढ़ता जा रहा है। इसलिए इंसुलिन कार्टेज में हो रहे इजाफा पर अंकुश लगाने की जरूरत है, ताकि मरीजों को एक चीज से तो राहत मिले।
बीते महीनों से महंगी हो गई इंसुलिन
वहीं, दिल्ली में इंसुलिन डिस्ट्रीब्यूटर के मुताबिक, देश में कई नामी कंपनियों के इंसुलिन की बिक्री होती है। लेकिन चार से पांच ऐसे इंसुलिन हैं जो ज्यादातर मरीज इस्तेमाल करते हैं। उन्होंने बताया कि एक नामी कंपनी के इंसुलिन की एक कार्टेज की कीमत जनवरी में 1126 रुपये थी, जो फरवरी में 1239 रुपये हो गई है। इसके अलावा नवंबर में जिस कंपनी के इंसुलिन की कीमत 319 रुपये थी, उसकी आज कीमत 386 रुपये है। इसके अलावा अक्टूबर में एक कंपनी के इंसुलिन की कीमत 792 रुपये थी, अब उसकी कीमत 852 रुपये हो गई है। साथ ही अगस्त में जिस इंसुलिन के एक कार्टेज की कीमत 792 रुपये थी, वर्तमान में उसकी कीमत 872 रुपये हो गई है। इंसुलिन डिस्ट्रीब्यूटर पुनीत सेठी बताते हैं कि देश में ज्यादातर इंसुलिन की सप्लाई डेनमार्क से होती है। लेकिन इंसुलिन के बढ़ रहे दाम के पीछे की वजह क्या है, इसके बारे में जानकारी नहीं है। हालांकि,बीते महीनों में कुछ नामी कंपनियों के इंसुलिन की कीमत बढ़ी है।




