अलीगढ़ में भाजपाइयों ने ट्रैफिक इंस्पेक्टर को पीटा, कपड़े फाड़े

अलीगढ़/उत्तर प्रदेश। अलीगढ़ के बन्ना देवी थाना अंतर्गत मालवीय पुस्तकालय के निकट 25 अक्तूबर की रात में भाजपा कार्यकर्ता और ट्रैफिक पुलिस आमने सामने आ गए। ट्रैफिक इंस्पेक्टर कमलेश यादव ने बताया कि उन्हें एक संदिग्ध गाड़ी, जिसके साइलेंसर को मोडीफाई किया गया है, की जांच के लिए कहा गया। गाड़ी को रोका तो तथाकथित पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उन पर हमला बोल दिया। उन्हें एसएचओ, सीओ की मौजूदगी में पीटा गया और कपड़े तक फाड़ दिए।
जबकि ट्रैफिक इंस्पेक्टर कमलेश कुमार पर गाड़ी से टक्कर मारकर भाजपा कार्यकर्ता की गाड़ी को चेकिंग के लिए रोकने का आरोप लगाया है। विवाद के बाद भाजपाईयों के द्वारा एनएच 91 पर जाम लगाकर हंगामा किया गया। मारपीट की घटना को एक दिन पहले हुए किसी विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है। भाजपाई और ट्रैफिक पुलिस के बीच हुए विवाद का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया। वीडियो पर अलीगढ़ पुलिस ने एक्स पर ट्विट कर कहा कि गतरात्रि गाड़ी टच होने का आरोप लगाकर मौके पर जमावड़ा हुआ था, सूचना पर तत्काल अधिकारियों द्वारा वार्ता कर कुछ ही मिनट में सबको अपने घर भेज दिया गया, मौके पर पूर्ण शांति है, उपरोक्त दोनों हमलावर व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर वैधानिक कार्यवाही प्रचलित की गई, यातायात सुचारु है ।
भाजपाइयों में ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ के लिए टॉलरेंस ज़ीरो क्यों- अखिलेश यादव
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपाई और ट्रैफिक पुलिस के बीच विवाद के वीडियो को साझा करते हुए एक्स पर ट्विट किया है। अखिलेश यादव ने ट्विट करते हुए कहा कि भाजपाई अहंकार अब पुलिस पर भी हाथ उठा रहा है। सवाल ये है कि भाजपा में बढ़ती दबंगई के सिर के ऊपर प्रश्रय का हाथ कौन लगा रहा है,इन्हें कौन बचा रहा है। भाजपाइयों में ‘ज़ीरो टॉलरेंस’ के लिए टॉलरेंस ज़ीरो क्यों है।
यातायात निरीक्षक द्वारा मोडिफाईड साइलेंसर की बाइक के विरूद्ध वैधानिक कार्रवाई किए जाने के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा पुलिसकर्मी से दुर्व्यवहार किया गया।

एसपी ट्रैफिक, अलीगढ़ मुकेश चंद्र उत्तम का कहना है मामले में वीडियो फुटेज के आधार पर दो व्यक्तियों के खिलाफ नामजद और अन्य अज्ञात पर सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर वैधानिक कार्यवाही प्रचलित की गई है। पुलिसकर्मियों के शराब के नशे में होने के आरोप पर मेडिकल कराया गया, कोई भी पुलिसकर्मी नशे में नहीं पाया गया। नशे में रहने का आरोप निराधार साबित हुआ है।

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