मुंबई समेत पूरे महाराष्ट्र में गणपति बप्पा मोरया…की गूंज, सीएम शिंदे की पूजा-अर्चना

मुंबई/एजेंसी। महाराष्ट्र के सबसे बड़े पर्व गणेश उत्सव की धूमधाम से राज्य में शुरूआत हुई है। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने आधिकारिक निवास पर गणपति का स्वागत किया और आरती में भाग लिया। उप मुख्यमंत्री ने देवेंद्र फडणवीस ने भी गणेश आरती में भाग लिया। पूरे मुंबई में 2,729 गणेश पंडाल को बीएमसी ने स्वीकृति प्रदान की है। तो वहीं राज्य में भी गणेश चतुर्थी की पहली आरती के साथ गणेश उत्सव की शुरुआत हो गई है। महाराष्ट्र में 10 गणेश उत्सव दिनों तक चलेगा। इससे पहले राजधानी मुंबई और राज्य के अन्य प्रमुख शहरों में गणेश मंडल भगवान श्री गणेश की विशाल मूर्तियों को ढोल-ताशा की थाप के साथ शोभायात्रा निकालकर अपने पूजा पंडालों में ले गए।
CM eknath Shinde

गणेश चतुर्थी के मौके पर आर्शीवाद लेते सीएम एकनाथ शिंदे।

लोगों ने अपने घरों और पंडालों में चंद्रयान-3 के प्रक्षेपण से लेकर अयोध्या के राम मंदिर समेत कई विषयों पर आधारित सजावट की, जिनमें भगवान श्री गणेश की विभिन्न आकृतियों और आकारों की मूर्तियां स्थापित की गईं। बच्चों के साथ-साथ वरिष्ठ नागरिकों सहित परिवार के अन्य सदस्य ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों और ढोल की थाप के बीच अपने प्यारे ‘बप्पा’ को घर लाने के लिए सुबह-सुबह अपने घरों से बाहर निकले। कई लोगों को ऑटोरिक्शा, कार और परिवहन के अन्य साधनों में मूर्तियों को ले जाते देखा गया।

Ganesh Pandal 11

चंद्रयान 3 की थीम पर गणेश पंडाल की सजावट।

सोने के आभूषणों से सजावट
भव्य तरीके से सजाए जाने के कारण मुंबई के जीएसबी सेवा मंडल के ‘महागणपति’ हमेशा शहर में चर्चा का विषय बने रहते हैं। जीएसबी सेवा मंडल ने इस बार भगवान गणेश की मूर्ति को 66.5 किलोग्राम सोने के आभूषण, 295 किलोग्राम से अधिक चांदी के साथ ही अन्य कीमती सामान से सजाया है। मुंबई के किंग सर्किल में स्थित जीएसबी सेवा मंडल के एक प्रवक्ता ने बताया कि इस बार सुरक्षा व्यवस्था के तहत लोगों के चेहरे की पहचान करने वाले कैमरे लगाए गए हैं। इसके अलावा अन्य प्रसिद्ध गणेश मंडल चिंचपोकली, गणेश गली और तेजुकाया में हैं। इनके अलावा लोगों को गिरगांव के खेतवाड़ी इलाके में शहर के सबसे ऊंचे 45 फुट के गणेश भी देखने को मिलेंगे। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि गणेश उत्सव के मद्देनजर मुंबई में सुरक्षा के लिए 13,750 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं।

पुणे में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भागवत ने 10 दिवसीय उत्सव के पहले दिन गणेश चतुर्थी के अवसर पर महाराष्ट्र के प्रसिद्ध दगडूशेठ गणपति पंडाल में विशेष (प्राण प्रतिष्ठान) पूजा की। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने परिवार के सदस्यों के साथ अपने आधिकारिक निवास ‘वर्षा’ में भगवान श्री गणेश की पूजा करने के बाद कहा कि मैंने भगवान श्री गणेश से राज्य के लोगों के लिए समृद्धि और शांति की कामना की है। फडणवीस ने अपने सरकारी निवास सागर में भगवान श्री गणेश की मूर्ति स्थापित की।उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि भगवान का आशीर्वाद ‘महायुति’ (भाजपा के नेतृत्व वाला महागठबंधन) के साथ है। फिल्म और टेलीविजन जगत से जुड़ी कई हस्तियों ने भी अपने-अपने घरों में भगवान गणेश का स्वागत किया। गणेश चतुर्थी उत्सव पुणे में भी धूमधाम के बीच शुरू हुआ, जिसमें प्रमुख गणेश मंडलों या समूहों ने भगवान श्री गणेश के स्वागत के लिए बड़ी-बड़ी शोभायात्राएं निकालीं। सुबह-सुबह शुरू हुई शोभायात्राओं में पारंपरिक ढोल-ताशा (ड्रम) मंडलियां शामिल हुईं।
Deputy Cm

गणपति का आगमन, पत्नी और बेटी के साथ उप मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस।

2,729 गणेश पंडल सजे
बृहन्मुंबई महानगर पालिका (बीएमसी) ने कहा कि कुल 2,729 ‘सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडलों’ को ‘पंडाल’ बनाकर सार्वजनिक रूप से गणेश उत्सव आयोजित करने की अनुमति दी गई है। यह उत्सव तटीय कोंकण क्षेत्र में बहुत उत्साह के साथ मनाया जाता है जिसमें ठाणे, रत्नागिरी, सिधुदुर्ग, रायगढ़ और मुंबई जिले शामिल हैं। कोंकण रेलवे ने लोगों के त्योहार के लिए अपने मूल स्थानों की यात्रा करने के वास्ते मुंबई से गोवा तक कोंकण के लिए विशेष ट्रेन संचालित की हैं। पुलिस अधिकारी ने कहा कि गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के घरों से बाहर निकलने और पूजा पंडालों में आने की उम्मीद है। पुलिस किसी भी प्रकार की कानून-व्यवस्था की समस्या से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
निजी बसों के संचालन पर पाबंदी
यातायात पुलिस द्वारा जारी अधिसूचना में महानगर में वाहनों के सुचारू प्रवाह के लिए कई कदम सूचीबद्ध किए गए हैं, जिनमें कुछ दिन तक भारी वाहनों पर प्रतिबंध भी शामिल है। पुलिस अधिकारी ने कहा कि दक्षिण मुंबई में 21, 24, 26 और 29 सितंबर को निजी बसों और भारी वाहनों के संचालन पर प्रतिबंध रहेगा। दक्षिण मुंबई में 21, 24, 26 और 29 सितंबर को छोड़कर 19 से 29 सितंबर के बीच, सभी प्रकार के भारी वाहनों को आधी रात से सुबह सात बजे के बीच संचालन की अनुमति है। उन्होंने कहा कि दक्षिण मुंबई को छोड़कर 20, 23 और 25 सितंबर को सभी प्रकार के भारी वाहनों और निजी बसों के प्रवेश और सड़कों पर चलने पर पूर्वाह्न 11 बजे से अपराह्न एक बजे तक पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।अधिकारी ने कहा कि विसर्जन के दिन सड़कों पर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया जाएगा।

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