दिल्ली रेप केस में बड़ा टर्न : 20 साल पहले नसबंदी हो चुकी है, बुराड़ी रेप के आरोपी ने दी है दलील

नई दिल्‍ली। दिल्ली के चर्चित बुराड़ी रेप केस में बड़ा ट्विस्‍ट आ गया है। रेप कांड के आरोपी प्रेमोदय खाखा के नसबंदी होने की बात सामने आई है। खाखा और उसकी पत्नी सीमा रानी को एक दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। खाखा दिल्ली सरकार का वरिष्ठ अधिकारी है। सोमवार को पत्‍नी के साथ पुलिस ने उसे हिरासत में लिया था। पुलिस ने खाखा का पोटेंसी टेस्ट कराया। यह टेस्ट नपुंसकता की जांच के लिए होता है।
पोटेंसी टेस्‍ट की जरूरत इसलिए पड़ी है क्‍योंकि प्रमोदय खाखा के वकील ने कहा था कि उनके क्‍लाइंट की 20 साल पहले ही नसबंदी हो चुकी है। उनके खिलाफ प्रेग्‍नेंसी के आरोप आधारहीन हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने महिला एवं बाल विकास विभाग में उप निदेशक आरोपी अधिकारी के निलंबन के आदेश दिए हैं। उन्होंने दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार से एक रिपोर्ट भी मांगी है।
पुलिस उपायुक्त (उत्तर) सागर सिंह कलसी ने कहा, ‘हमने मुख्य आरोपी पति और पत्नी को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। यह संवदेनशील मामला है और हम गंभीरता से इसकी जांच कर रहे हैं। पीड़िता का मजिस्ट्रेट के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया जा रहा है।’
पुलिस का एक दल मामले की जांच के संबंध में बुराड़ी में आरोपी अधिकारी के घर पहुंचा। दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने आरोप लगाया कि उन्हें अस्पताल में नाबालिग लड़की से मिलने से रोक दिया गया जहां वह उपचार के लिए भर्ती है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि आरोपी अधिकारी ने नवंबर 2020 और जनवरी 2021 के बीच कई बार लड़की से कथित रूप से बलात्कार किया। उन्होंने बताया कि अधिकारी की पत्नी पर भी पीड़ित को गर्भपात के लिए दवाएं देने का आरोप लगाया गया है।
पीड़ित लड़की एक अक्टूबर, 2020 को अपने पिता के निधन के बाद से आरोपी और उसके परिवार के साथ उनके घर में रह रही थी। आरोपी पीड़िता का पारिवारिक मित्र है जिसे वह ‘मामा’ कहती है। जब नाबालिग लड़की कथित तौर पर गर्भवती हो गयी तो उसने आरोपी की पत्नी को इसके बारे में बताया जिसने अपने बेटे से गर्भपात के लिए दवाएं मंगायी और लड़की को दे दी।
जब लड़की की मां उससे मिलने आयी तो वह जनवरी 2021 में उनके साथ अपने घर लौट गयी। उसे इस साल अगस्त में घबराहट की वजह से दौरा पड़ा और उसकी मां ने उसे एक अस्पताल में भर्ती कराया जहां लड़की ने काउंसिलिंग के दौरान अपने साथ हुई पूरी घटना के बारे में बताया। वह अब 12वीं कक्षा में पढ़ती है।
पुलिस ने कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 376 (2) (एफ) (रिश्तेदार, अभिभावक या शिक्षक या महिला का विश्वासपात्र अथवा उस पर अधिकार रखने वाले व्यक्ति की हैसियत से महिला से बलात्कार करना), 509 (किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने के इरादे से शब्दों का प्रयोग, इशारा या कृत्य), 506 (आपराधिक धमकी), 323 (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 313 (महिला की सहमति के बिना गर्भपात करना), 120बी (आपराधिक साजिश) और यौन अपराध से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के प्रावधान के तहत मामला दर्ज किया गया है।
दिल्ली सरकार ने एक बयान में कहा, ‘वह (आरोपी) डब्ल्यूसीडी विभाग में उप निदेशक है। कथित मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है, अब कानून अपना काम करेगा।’
इसमें कहा गया है, ‘दिल्ली सरकार महिलाओं की सुरक्षा एवं बच्चों के उत्पीड़न से संबंधित इस तरह के गंभीर मामलों के प्रति संवेदनशील है। अगर आरोपी ने इस तरह का निंदनीय कृत्य किया है तो उसके खिलाफ हरसंभव सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।’

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