गाजियाबाद में फर्जीवाड़ा: 75 हजार रुपए के लिए 7 युवतियों ने दोबारा कर लिया विवाह

गाजियाबाद,(उत्तर प्रदेश)। गाजियाबाद में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में फर्जीवाड़ा का मामला सामने आया है। 7 युवतियां पहले से शादीशुदा थीं, लेकिन 75 हजार रुपये की अनुदान राशि पाने के लिए दोबारा शादी कर ली। श्रम विभाग की तरफ से सिहानी गेट थाने में 6 केस दर्ज कराए गए हैं। 13 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट लिखी गई है। एसीपी नंदग्राम रवि कुमार ने बताया कि इस बात की भी जांच हो रही है कि इस फर्जीवाड़े में कोई नेटवर्क तो नहीं जुड़ा है। दरअसल, 24 नवंबर 2022 को सामूहिक विवाह कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इस योजना की जानकारी मिलने के बाद फर्जीवाड़े का खेल रचा गया। इस मामले में भोजपुर, बांबे कॉलोनी, विजय नगर और इंद्रगढ़ी के लोगों पर केस दर्ज किया गया है।

पिछले साल 24 नवंबर को जिले में मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह कार्यक्रम हुआ था। इसमें दंपती को 75 हजार रुपये का अनुदान देने का नियम है। इसी का लाभ लेने के लिए कुछ शादीशुदा लोगों ने गलत जानकारी देकर दोबारा से विवाह किया है। उन्होंने 75 हजार रुपये का अनुदान भी ले लिया। बाद में विभागीय जांच में यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया। विजय नगर की रहने वाली दिव्या, प्रताप विहार की रहने वाली सरोज और प्रीति, बांबे कॉलोनी की सजीदा और हिना, भोजपुर के राजेंद्र सिंह और अंजली, रोजी कॉलोनी विजय नगर के रहने वाले रहीसन और साइस्ता व इंद्रगढ़ी के रहने वाले रामवीर, स्वाति और शिल्पी कुमारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। सभी मामलों में लड़की पक्ष के लोगों ने 75 हजार रुपये श्रम विभाग से लिए हैं।

2018 में ग्रेटर नोएडा में सामूहिक विवाह योजना के तहत 66 जोड़ों का विवाह हुआ था। उस वक्त सांसद, विधायक, डीएम और डीआईजी भी कार्यक्रम में शामिल हुए थे। बाद में जांच हुई तो पता चला कि कई ऐसे जोड़े भी इसमें शामिल हुए थे, जिनके बच्चे थे। बड़े स्तर पर हुए फर्जीवाड़े में कई लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया गया था। बाद में सभी आरोपियों से रुपये की वसूली भी हुई थी।

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