पहले दिया चैंलेज अब लिया यू-टर्न, गुजरात दौरे से पहले बैकफुट पर आए धीरेंद्र शास्त्री के विरोधी

  • 27 मई से शुरू हो रहा है बागेश्वर बाबा धीरेंद्र शास्त्री का गुजरात दौरा
  • दौरे की शुरुआत में धीरेंद्र शास्त्री सूरत में लगाएंगे पहला दिव्य दरबार
  • इसके बाद अहमदाबाद और राजकोट में होंगे कार्यक्रमों का आयोजन
  • राजकोट, अहमदाबाद और सूरत से बागेश्वर बाबा को मिले थे चैलेंज

अहमदाबाद,(एजेंसी)। बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री को गुजरात में चैलेंज देने वाले अब यू-टर्न ले रहे हैं। बागेश्वर बाबा को सबसे पहले चुनौती देने वाले राजकोर्ट की एक बैंक के सीईओ और सहकारी क्षेत्र के अग्रणी पुरुषोत्तम पिपलिया अब बैकफुट पर हैं। पिपालिया ने आयोजन समिति के लोगों के साथ मीटिंग करने के बाद अब बागेश्वर बाबा के दिव्य दरबार के आयोजन का विरोध नहीं करने का फैसला किया है। पहले पिपालिया ने हुंकार भरी थी, लेकिन दौरे पर पहले ही पिपालिया के तेवर ढ़ीले पड़ गए। बागेश्वर धाम आयोजन समिति राजकोट ने अपने पत्र में पिपालिया को पक्का सनातनी कहकर संबोधित किया। इसमें कहा गया है वे अब विरोध नहीं करेंगे। कुछ ऐसा ही हाल सूरत के हीरा कारोबारी जनक बाबरिया को हुआ है।

हीरा कारोबारी भी बैकफुट पर
बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री को सूरत में चुनौती देने वाले हीरा कारोबारी जनक बाबरिया ने अब दिव्य दरबार में जाने की बात कही है। पहले बाबरिया ने बागेश्वर बाबा को चुनौती थी और कहा था कि वे चमत्कार दिखाएंगे तो मैं थैलीभर उनके चरणों में रख दूंगा। बाबरिया ने अपने चैलेंज को वापस लेने की पीछे कहा है कि उन्हें लगातार फोन आ रहे थे। वह मानसिक रूप से परेशान हो गए है और अब इस विवाद को यहीं पर खत्म करना चाहते हैं। उनके चैलेंज से गुजरात में आस्था और अंधविश्वास को लेकर विवाद शुरू हो गया था। जनक बाबरिया ने अब मीडिया से दूर बना ली है। तो वहीं खुद को चैंलेज दिन जाने के मुद्दे पर बागेश्वर बाबा ने कहा कि मेरे पास कोई ताकत नहीं है। मुझे गुरुओं का आशीर्वाद मिला है। बागेश्वर बाबा ने कहा कि संतों को छोड़कर कोई भी मजहब का व्यक्ति मेरा सामना कर ले। मैं ललकार देकर बुलाता हूं। मेरे सामने आने पर उतना ही पूछे जितना सुन सके। नहीं तो बाद में कहे की गुरूजी ने पोल खोल दी। मैं एक व्यक्ति को पकडूंगा तो 25 को करंट लगेगा।

बागेश्वर धाम सरकार धीरेंद्र शास्त्री गुजरात के प्रवास पर आ रहे हैं। वह सूरत में 26 और 27 मई को नीलगिरी मैदान में दिव्य दरबार लगाएंगे। इसके बाद बाबा बागेश्वर 29 और 30 मई को अहमदाबाद में रहेंगे और यहां पर वह घाटलोडिया इलाके में स्थित चाणक्यपुरी में दिव्य दरबार लगाएंगे। इसके बाद बागेश्वर बाबा 1 जून और 2 जून को राजकोट के रेसकोर्स ग्राउंड में दिव्य दरबार लगाने जा रहे हैं। इसके लिए सभी शहरों में तैयारियां चल रही हैं। सूरत के दिव्य दरबार में दो लाख लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है तो वही अहमदाबाद के सिर्फ एक लाख लोग भी बाबा के दिव्य दरबार में जा पाएंगे।
गुजरात में बागेश्वर बाबा का विरोध करने वालों में पूर्व मुख्यमंत्री शंकर सिंह वाघेला भी शामिल हैं, हालांकि वे अपने बयान पर कायम हैं। वाघेला ने कहा था कि बाबा बागेश्वर बीजेपी की मार्केटिंग कर रहे हैं। अंधभक्तों को भगवान माफ करें। हमें वैज्ञानिक युग में जीना चाहिए। वाघेला के इस बयान के सूरत के लिंबायत से बीजेपी की विधायक संगीता पाटिल का बयान आया था। इसमें उन्होंने राजनीति नहीं करने की बात की थी। बागेश्वर बाबा के सूरत कार्यक्रम के तमाम इंतजामों को खुद बीजेपी की विधायक संगीता पाटिल देख रही हैं। तो वहीं अहमदाबाद में दिव्य दरबार के आयोजक आलोक शर्मा हैं, राजकोट में दिव्य दरबार के आयोजन के एक पूरी समिति है। इसने अपना एक कार्यालय भी खोला है।

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