तीन पीढ़ी बाद घर में लक्ष्मी का जन्म, खुशी में गोलगप्पे वाले ने फ्री कर दी दुकान

छिंदवाड़ा,(मध्य प्रदेश)। तीन पीढ़ी के बाद घर में लक्ष्मी आई तो गोलगप्पे वाला ने बड़ा दिल दिखाया है। खुशी में उसने चार हजार गोलगप्पे लोगों को फ्री में खिलाए हैं। साथ ही अपनी खुशी का इजहार अनोखे ढंग से किया। गोलगप्पे फ्री में मिलेंगे, इसके लिए उसने सोशल मीडिया पर लोगों को मैसेज किया था। उसकी खुशी में शामिल होने के लिए सैकड़ों लोग वहां आएं और फ्री गोलगप्पे का आनंद लिया है। फ्री गोलगप्पे मिलने की खबर से दुकान पर भीड़ काफी उमड़ गई थी। एक घंटे में करीब 4000 गोलगप्पे लोग खा गए।
दरअसल, दशहरा मैदान के पास गुपचुप का ठेला लगाकर अपना परिवार पालने वाला यह शख्स संजीत चंद्रवंशी है। लगभग 10 साल पहले पूरे परिवार के साथ मोहखेड़ ब्लॉक के ग्राम नरसला से रोजी रोटी की तलाश में छिंदवाड़ा आया था, जहां रोजाना यह अपनी दुकान से लगभग 2000 गोलगप्पे बेचकर परिवार चलाता है। संजीव चंद्रवंशी ने बताया कि उसके परिवार में लगभग तीन पीढ़ी से बेटी का जन्म नहीं हुआ है। न तो उसकी कोई बुआ है और न ही उसकी भतीजी है। परिवार वालों ने कई बार मन्नत मांगी और पूजा-अर्चना भी कराई लेकिन आज तक उनके घर बेटी का जन्म नहीं हुआ।
गोलगप्पे वाले ने बताया कि इससे परिवार के लोग काफी मायूस थे लेकिन पिछले 15 नवंबर को संजीव चंद्रवंशी के यहां बेटी की किलकारी गूंजी। तीनी पीढ़ी के बाद परिवार की मुराद पूरी हो गई। इसी खुशी में उन्होंने फ्री में गोलगप्पे खिलाने का ऐलान किया। चंद्रवंशी का परिवार अभ काफी खुश है।संजीव चंद्रवंशी ने बताया कि वह तीन भाई है लेकिन किसी के यहां भी बेटी नहीं थी। उसकी शादी साल 2017 में हुई थी। उसका एक बेटा भी है, जिसका नाम अथर्व चंद्रवंशी है। बेटी आने की खुशी में पूरा परिवार जश्न मना रहा है और उसका अनूठी ढंग से स्वागत भी किया गया। एक तरफ बेटी को लेकर कुछ लोगों की सोच जरा अलग है। वहीं, संजीत ने जिस तरह से बेटी आने की खुशी मनाई, उसको लेकर बरारीपुरा क्षेत्र में उत्सव का माहौल दिख रहा है। लोगों ने बेटी का स्वागत जोरदार तरीके से किया। वहीं, मिठाइयां भी बांटी। सभी लोग संजीत की सराहना कर रहे हैं। संजीत ने कहा कि बेटी भी लक्ष्मी की रूप होती है। उनका भी बेटे की तरह खुशी मना कर स्वागत करना चाहिए।




