23 मई को कौशाम्बी पहुंचेगी गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती करेंगे जनजागरण

कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। कौशाम्बी जनपद में 23 मई को गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा का आगमन होगा, जिसमें ज्योर्तिमठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शामिल रहेंगे। यह यात्रा उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से प्रारंभ होकर विभिन्न जिलों से होते हुए कौशाम्बी पहुंचेगी, जहां स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्रों में भ्रमण कर लोगों से गौ प्रतिष्ठा और गौरक्षा के लिए जुड़ने की अपील करेंगे।
यात्रा के जिला प्रभारी एवं शंकराचार्य चतुरंगिनी सेना के अध्यक्ष सचिन द्विवेदी ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य गौरक्षा, गौसेवा और गौसंरक्षण के प्रति जनजागरण करना है। इसके माध्यम से आम जनमानस को गौवंश के महत्व से अवगत कराते हुए जनमत तैयार किया जाएगा, जिससे गौवध पर पूर्ण प्रतिबंध की दिशा में वातावरण बनाया जा सके।
उन्होंने बताया कि यह यात्रा 23 मई को सुबह 10 बजे प्रतापगढ़ जनपद से कौशाम्बी में दुर्गा भाभी सेतु, शहजादपुर के रास्ते प्रवेश करेगी। इसके बाद दारानगर और कड़ा धाम में माता शीतला एवं मां गंगा का दर्शन-पूजन करते हुए मलूकदास आश्रम से होकर सिराथू की ओर बढ़ेगी। यात्रा सिराथू, मंझनपुर और चायल तहसील क्षेत्रों के गांवों में भ्रमण करेगी और रात्रि विश्राम बजहा स्थित राम जानकी मंदिर में किया जाएगा। अगले दिन यह यात्रा प्रयागराज के लिए प्रस्थान करेगी।
आयोजकों के अनुसार, यह यात्रा 24 जुलाई तक चलेगी और इसका उद्देश्य समाज में गौसंरक्षण को लेकर जागरूकता फैलाना है। उन्होंने जिले के गौसेवकों और गोप्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में यात्रा में शामिल होकर सहयोग करने की अपील की है। इस अवसर पर से गविष्ठी गौरक्षार्थ यात्रा के सिराथू प्रभारी राजवीर मौर्य,मंझनपुर प्रभारी सचिन पांडे,चायल प्रभारी श्रवण केसरवानी,पूरी शंकराचार्य महाराज के शिष्य आचार्य डॉक्टर अनुज शुक्ला,हीरामणि त्रिपाठी,मनोज त्रिपाठी सहित विभिन्न क्षेत्रों के प्रभारी एवं संगठन से जुड़े पदाधिकारी भी मौजूद रहे।





