गाजियाबाद में युवती का शव जलाने के मामले में नया मोड़

गाजियाबाद ब्यूरो। गाजियाबाद के कविनगर औद्योगिक क्षेत्र में बुधवार की रात 25 वर्षीय युवती को गला घोंटकर हत्या करने के बाद जलाया गया था। बृहस्पतिवार की शाम पुलिस को इसकी जानकारी शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हुई। हालांकि, दूसरे दिन भी शव की शिनाख्त नहीं हो सकी। न ही हत्यारे के बारे में कुछ सुराग लग सका।फील्ड यूनिट की रिपोर्ट से यह साफ हो गया कि युवती को उसी जगह जलाया गया था जहां 100 फीसदी झुलसी अवस्था में उसका शव मिला। यह जगह पुलिस बूथ से महज 100 मीटर की दूरी पर श्यामा प्रसाद मुखर्जी पार्क के पास है। अज्ञात शव की शिनाख्त के लिए पुलिस 72 घंटे का इंतजार करती है।इसके बाद भी शिनाख्त न हो, तब पोस्टमार्टम कराया जाता था, लेकिन इस केस में 24 घंटे भी इंतजार नहीं किया गया। एसएसपी मुनिराज जी. का कहना है कि शव को देखने के आधार पर शिनाख्त की कोई गुंजाइश ही नहीं लग रही। हत्यारे ने चेहरा पूरी तरह से जला दिया। कपड़े भी जलकर राख हो गए। गहने आदि की कोई और निशानी भी नहीं मिली। पोस्टमार्टम डॉक्टरों के पैनल ने किया। इसकी वीडियोग्राफी कराई गई है। डीएनए जांच के लिए नमूने लिए गए हैं।

पुलिस ने शव के फोटो हापुड़, मेरठ, नोएडा और दिल्ली पुलिस के पास भेज दिए ताकि लापता महिलाओं की फोटो से उसका मिलान किया जा सके। लापता चल रही 20 महिलाओं के फोटो से पुलिस ने खुद भी मिलान की कोशिश की लेकिन कोई सुराग भी न मिल सका। हत्यारों के बारे में सुराग लगाने के लिए औद्योगिक क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की 40 से ज्यादा फुटेज भी पुलिस ने खंगाली हैं, लेकिन इसमें भी नाकामी हाथ लगी है।पुलिस ने मौका-ए-वारदात के आसपास काम करने वाले 40 लोगों से पूछताछ की है, लेकिन युवती को वहां लाए जाने और जलाए जाने के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी है। कविनगर और आसपास के थाना क्षेत्रों में पिछले एक-दो दिन में किसी युवती के लापता होने की सूचना भी नहीं मिली है।

पुलिस को आशंका है कि युवती की हत्या कहीं और की गई, फिर शव को यहां पुलिस बूथ के पास लाकर जलाया गया। ऐसा इसलिए माना जा रहा है क्योंकि अगर यहीं पर हत्या की गई होती तो उसकी चीख निकलती। ऐसे में हत्या करने में पकड़े जाने का भारी जोखिम होता। यह थ्योरी गले उतरना आसान नहीं, क्योंकि हत्यारा शव को पुलिस बूथ के पास जलाने का जोखिम क्यों लेगा? यह इलाका सुनसान भी नहीं है। यहां आसपास कारखाने हैं। इनमें लोग देर रात तक काम करते हैं। दूसरी आशंका यह है कि हत्यारा और युवती पार्क में आए हों। हत्यारे ने पहले से हत्या की साजिश रच रखी थी। इसी के तहत उसने पार्क के खाली होने के बाद युवती की हत्या की कोशिश की। वह जान बचाकर बाहर आई तो उसे पकड़कर पहले गला घोंटकर हत्या की और फिर यहीं पर जला दिया। इसके बाद हत्यारा वहां से  निकल गया। इसमें भी सवाल वही है कि कोई हत्या और शव को जलाने के लिए पुलिस बूथ के पास वाले स्थान का चयन क्यों करेगा?

पुलिस बूथ पर तैनात पुलिसकर्मियों का कहना है कि वह बुधवार शाम से वहीं पर थे। किसी को युवती के साथ आते हुए नहीं देखा। न ही शव लाते हुए देखा।घटनास्थल के पास ही क्रेन चलाने वाले लोगों ने बताया कि रात आठ से 11 बजे के बीच किसी को युवती के साथ आते नहीं देखा। यह सब कैसे हुआ, पता नहीं।पार्क के पास ही बिजलीघर है। इस पर तैनात सुरक्षा गार्ड ने पुलिस को बताया कि वह ड्यूटी पर ही थी, लेकिन उसने किसी को हत्या करते, जलाते या शव लेकर आते नहीं देखा।

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