कौशाम्बी मेडिकल कॉलेज में नर्सों की रीलबाजी का मामला, मरीजों की देखभाल छोड़ वीडियो बनाने का आरोप
मंझनपुर मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी के दौरान नर्सों के रील बनाने का वीडियो सामने आने से हड़कंप मच गया। मरीजों की देखभाल छोड़ वीडियो बनाने के आरोप पर प्रिंसिपल डॉ. हरिओम ने सख्त निर्देश जारी करते हुए ड्यूटी के समय रील बनाने पर प्रतिबंध लगा दिया है।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी,उत्तर प्रदेश। मंझनपुर स्थित मेडिकल कॉलेज में ड्यूटी के दौरान नर्सों द्वारा रील बनाने का मामला सामने आने के बाद अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि कुछ नर्सें मरीजों की देखभाल और उपचार पर ध्यान देने के बजाय मेडिकल कॉलेज परिसर में मोबाइल से वीडियो बनाकर रील तैयार करने में व्यस्त थीं। इस मामले से जुड़ा वीडियो सामने आने के बाद स्वास्थ्य सेवाओं की गंभीरता और कर्मचारियों की कार्यशैली को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मेडिकल कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्थान में मरीजों को समय पर उपचार और बेहतर देखभाल उपलब्ध कराना कर्मचारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है। ऐसे में यदि ड्यूटी के दौरान स्वास्थ्यकर्मी रील बनाने में समय बिताते हैं तो इसका असर अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों की सेवाओं पर पड़ सकता है। हालांकि, सामने आए वीडियो के आधार पर पूरे मामले की परिस्थितियों और संबंधित कर्मचारियों की भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
मामले को गंभीरता से लेते हुए मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. हरिओम ने वीडियो का संज्ञान लिया है। उन्होंने ड्यूटी के दौरान रील बनाने पर प्रतिबंध लगाते हुए नर्सों को सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रिंसिपल ने स्पष्ट किया है कि कार्यावधि में सभी स्वास्थ्यकर्मियों का पूरा ध्यान मरीजों की देखभाल, उपचार और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर होना चाहिए।
इस घटना ने एक बार फिर सरकारी चिकित्सा संस्थानों में अनुशासन और जिम्मेदारी के पालन का मुद्दा सामने ला दिया है। मरीज अस्पताल में बेहतर इलाज और देखभाल की उम्मीद लेकर पहुंचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्यकर्मियों से अपेक्षा की जाती है कि वे ड्यूटी के दौरान पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करें। अब देखना होगा कि मेडिकल कॉलेज प्रशासन इस मामले में आगे क्या कदम उठाता है और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किस तरह की व्यवस्था लागू करता है।




