वीआईपी गाड़ियां छोड़ ई-रिक्शा की कमान संभालकर वार्ड में निकले भाजपा प्रत्याशी, अजमेर में अनोखा चुनाव प्रचार चर्चा में
अजमेर निकाय चुनाव में जहां प्रत्याशी गाड़ियों के काफिलों से शक्ति प्रदर्शन कर रहे हैं, वहीं वार्ड 50 से बीजेपी के एक जाने-माने प्रत्याशी का ऐसा अनोखा अंदाज सामने आया जिसने हर किसी को हैरान कर दिया। भीड़भड़ाके से दूर, वे एक ऐसी सवारी खुद चलाते दिखे जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।

अजमेर/राजस्थान। राजस्थान के अजमेर जिले में निकाय चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। मतदान की तारीख जैसे-जैसे नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे प्रत्याशी मतदाताओं तक पहुंचने और जनसमर्थन जुटाने के लिए प्रचार के अलग-अलग तरीके अपना रहे हैं। इसी बीच अजमेर के वार्ड नंबर 50 में भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी दुर्गेश डाबरा का चुनाव प्रचार शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। बड़े वाहनों के काफिले और समर्थकों की भीड़ से अलग हटकर दुर्गेश डाबरा खुद ई-रिक्शा की कमान संभालकर वार्ड की संकरी गलियों में जनसंपर्क करने पहुंचे। उन्होंने ई-रिक्शा चलाते हुए मतदाताओं से मुलाकात की और अपने पक्ष में मतदान की अपील की।
आमतौर पर निकाय चुनाव के दौरान प्रत्याशियों का प्रचार वाहनों के काफिले, समर्थकों की भीड़, लाउडस्पीकर और अन्य साधनों के साथ दिखाई देता है। इसके विपरीत वार्ड नंबर 50 से चुनाव मैदान में उतरे दुर्गेश डाबरा ने सादगी और सीधे मतदाताओं तक पहुंचने का तरीका अपनाया। वह खुद ई-रिक्शा की चालक सीट पर बैठे और वार्ड की गली-मोहल्लों में घूमते हुए लोगों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने स्थानीय निवासियों, दुकानदारों और राहगीरों से मुलाकात कर क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की तथा भाजपा के पक्ष में मतदान करने की अपील की।
दुर्गेश डाबरा को खुद ई-रिक्शा चलाते और रास्ते में लोगों से हाथ जोड़कर वोट मांगते देखकर स्थानीय लोग भी उत्सुक नजर आए। उनके प्रचार अभियान में न तो वाहनों का बड़ा काफिला दिखाई दिया और न ही किसी तरह का शक्ति प्रदर्शन नजर आया। ई-रिक्शा के जरिए वार्ड की गलियों तक पहुंचने की वजह से वह उन इलाकों में भी आसानी से पहुंचे, जहां बड़े वाहन ले जाना मुश्किल होता है। इस दौरान कई स्थानों पर लोगों ने उनके इस अंदाज को देखा और उनके साथ बातचीत भी की।
स्थानीय लोगों के बीच प्रत्याशी के इस प्रचार तरीके को लेकर चर्चा रही। लोगों का कहना है कि चुनाव के दौरान बड़े-बड़े वाहनों के काफिले के साथ प्रत्याशियों को प्रचार करते देखना आम बात है, लेकिन खुद ई-रिक्शा चलाकर घर-घर पहुंचने का तरीका अलग है। प्रत्याशी का यह प्रयास सीधे आम मतदाताओं से जुड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। समर्थकों का दावा है कि इससे प्रत्याशी की सादगी और जमीन से जुड़े होने का संदेश लोगों तक पहुंच रहा है।
दुर्गेश डाबरा की पहचान इंटरनेट मीडिया पर भी सक्रिय रहने वाले चेहरे के रूप में बताई जाती है। युवाओं के बीच उनकी अच्छी पकड़ और इंटरनेट मीडिया पर बड़ी संख्या में प्रशंसक होने का दावा किया जाता है। यही वजह है कि ई-रिक्शा चलाते हुए उनके फोटो और वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहे हैं। उनके समर्थक और युवा वर्ग उनके इस चुनावी प्रयोग की सराहना कर रहे हैं। प्रचार के इस अंदाज को लेकर इंटरनेट मीडिया पर भी तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
निकाय चुनाव में हर प्रत्याशी अपने तरीके से मतदाताओं को साधने में जुटा है। कोई जनसभाओं और बैठकों के जरिए मतदाताओं तक पहुंच रहा है तो कोई घर-घर जाकर संपर्क कर रहा है। इसी क्रम में दुर्गेश डाबरा ने ई-रिक्शा चलाकर प्रचार करने का तरीका अपनाया है। उनका कहना है कि वार्ड के लोगों के बीच सीधे पहुंचना और उनसे संवाद करना चुनाव प्रचार का महत्वपूर्ण हिस्सा है। ई-रिक्शा के जरिए संकरी गलियों और मोहल्लों में पहुंचकर उन्होंने अधिक से अधिक मतदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क बनाने की कोशिश की।
प्रचार के दौरान दुर्गेश डाबरा ने लोगों से क्षेत्र के विकास, स्थानीय समस्याओं और नागरिक सुविधाओं से जुड़े मुद्दों पर भी बातचीत की। उन्होंने मतदाताओं से समर्थन मांगते हुए अपने पक्ष में मतदान करने की अपील की। उनके साथ स्थानीय समर्थक भी मौजूद रहे, लेकिन प्रचार का केंद्र खुद प्रत्याशी और उनका ई-रिक्शा ही रहा। कई लोगों ने इस अनोखे प्रचार अभियान के दौरान उनके साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं और वीडियो बनाए।
चुनावी मौसम में प्रत्याशियों के प्रचार के नए-नए तरीके सामने आते रहते हैं। ऐसे में वार्ड नंबर 50 में ई-रिक्शा चलाकर जनसंपर्क करने का दुर्गेश डाबरा का तरीका फिलहाल लोगों के बीच चर्चा में है। सादगी भरे इस प्रचार अभियान ने उन्हें स्थानीय स्तर पर अलग पहचान जरूर दिलाई है। हालांकि यह तरीका मतदाताओं को वोट में बदलने में कितना प्रभावी साबित होगा और चुनावी परिणाम पर इसका कितना असर पड़ेगा, इसका फैसला मतगणना के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल निकाय चुनाव की बढ़ती सरगर्मी के बीच भाजपा प्रत्याशी का ई-रिक्शा लेकर गलियों में उतरना अजमेर की चुनावी राजनीति में चर्चा का नया विषय बन गया है।




