केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी काशीबाई का निधन, पैतृक गांव जैत में नम आंखों से दी गई अंतिम विदाई
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की मां काशीबाई के निधन से परिवार में शोक है। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने मुख्यमंत्री मोहन यादव और बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सीहोर जिले के जैत गांव पहुंचे। दोनों नेताओं ने पार्थिव देह पर पुष्पांजलि अर्पित कर शोक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

सीहोर,मध्य प्रदेश। केंद्रीय कृषि मंत्री एवं मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी श्रीमती काशीबाई का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से परिवार, रिश्तेदारों, समर्थकों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। मातृशोक की इस घड़ी में संवेदना व्यक्त करने के लिए मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल सहित भाजपा के कई मंत्री, वरिष्ठ नेता और जनप्रतिनिधि उनके पैतृक गांव जैत पहुंचे। दोपहर 3 बजे गांव में पूरे सम्मान और गमगीन माहौल के बीच उनका अंतिम संस्कार किया गया।
माताजी के अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने उनकी पार्थिव देह पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। दोनों नेताओं ने शिवराज सिंह चौहान और उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर शोक संवेदना व्यक्त की। इसके बाद मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अंतिम यात्रा में भी शामिल हुए। गांव में इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, पार्टी कार्यकर्ता, शुभचिंतक और विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे लोग मौजूद रहे। हर कोई दिवंगत काशीबाई को श्रद्धांजलि देने और शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचा।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान की माताजी का स्वर्गवास होना अत्यंत दुखद है। वे स्वयं अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।
मां के निधन से शिवराज सिंह चौहान गहरे दुख में हैं। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि यह उनके पूरे परिवार के लिए अत्यंत दुख और पीड़ा का दिन है। उनकी पूज्य माताजी श्रीमती काशीबाई उन्हें छोड़कर अनंत यात्रा पर प्रस्थान कर गई हैं। उन्होंने कहा कि मां का जाना जीवन में ऐसी रिक्तता छोड़ जाता है, जिसे कोई भर नहीं सकता। मां की स्मृतियां मन को भावुक कर रही हैं और उनका स्नेह, संस्कार तथा आशीर्वाद जीवनभर उनके साथ रहेगा।
शिवराज सिंह चौहान ने परमपिता परमेश्वर से प्रार्थना की कि उनकी माताजी को अपने दिव्य धाम में स्थान प्रदान करें। मां के निधन पर व्यक्त किए गए उनके भावुक संदेश से उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने भी दुख जताया। सोशल मीडिया के माध्यम से बड़ी संख्या में लोगों ने शोक संवेदनाएं व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
शिवराज सिंह चौहान सार्वजनिक जीवन में अपनी मां के प्रति सम्मान और भावनात्मक जुड़ाव को कई अवसरों पर व्यक्त करते रहे हैं। ऐसे में उनके लिए यह क्षति व्यक्तिगत जीवन का बेहद कठिन समय है। परिवार के इस दुख में शामिल होने के लिए पहुंचे नेताओं और लोगों ने उन्हें ढांढस बंधाया और दिवंगत काशीबाई को श्रद्धांजलि अर्पित की।
सीहोर जिले के जैत गांव में दोपहर 3 बजे अंतिम संस्कार संपन्न हुआ। अंतिम विदाई के दौरान माहौल गमगीन रहा। परिजनों और उपस्थित लोगों ने नम आंखों से श्रीमती काशीबाई को विदाई दी। उनके निधन से परिवार में गहरा शोक व्याप्त है।




