दिल्ली में अब जंतर-मंतर पर अब नहीं होंगे प्रदर्शन, धरना-प्रदर्शन के लिए 3 नए स्थान तय

दिल्ली पुलिस ने विरोध प्रदर्शनों के लिए नए आदेश जारी किए हैं, जिसके तहत अब जंतर-मंतर पर कोई राजनीतिक दल या संगठन प्रदर्शन नहीं कर सकेगा। इसके बजाय, रामलीला मैदान, बुराड़ी मैदान और पूर्वी दिल्ली के सीबीडी ग्राउंड को नए अधिकृत प्रदर्शन स्थल घोषित किया गया है।

नई दिल्ली। राजधानी में धरना-प्रदर्शन और रैलियों के आयोजन को लेकर दिल्ली पुलिस ने संशोधित आदेश जारी किया है। यह कदम मध्य दिल्ली में लगातार हो रहे प्रदर्शनों, यातायात बाधाओं और आम लोगों को हो रही परेशानियों के बीच उठाया गया है। नए आदेश के तहत प्रदर्शन स्थलों की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जंतर-मंतर के अलावा तीन अन्य मैदानों को भी प्रदर्शन के लिए निर्धारित करने पर विचार किया गया है, जबकि जंतर-मंतर की स्थिति को लेकर आदेश में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। पिछले कुछ दिनों से मध्य दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही थी। कई प्रमुख मार्गों पर बैरिकेडिंग और यातायात डायवर्जन लागू किए जाने से राहगीरों, स्थानीय निवासियों और व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। व्यापारिक संगठनों ने भी मांग की थी कि प्रदर्शन ऐसे स्थानों पर आयोजित किए जाएं, जहां व्यावसायिक गतिविधियां और आम जनजीवन कम प्रभावित हों।
सोमवार को मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान राजधानी के करीब 30 मार्गों पर यातायात में बदलाव किया गया। वहीं, इंटरनेट सेवाएं सुचारु रखने का निर्णय लिया गया। इससे पहले भी प्रदर्शनों के दौरान मेट्रो सेवाओं और सड़क यातायात पर प्रतिबंधों को लेकर आम लोगों ने परेशानी जताई थी।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नई दिल्ली जिले में संसद भवन, राष्ट्रपति भवन और प्रधानमंत्री आवास जैसे महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर बड़े प्रदर्शनों का प्रबंधन चुनौतीपूर्ण हो गया था। जंतर-मंतर संसद भवन के नजदीक स्थित है। पिछले दिनों कुछ प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को लेकर भी सवाल उठे थे।
बताया गया है कि प्रदर्शन स्थलों की व्यवस्था की समीक्षा के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय के स्तर पर एक समिति गठित की गई थी। समिति ने करीब दो महीने तक विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत की। इसके बाद दिल्ली पुलिस आयुक्त की ओर से संशोधित आदेश जारी किया गया। इस प्रक्रिया में सुप्रीम कोर्ट की उस टिप्पणी को भी ध्यान में रखा गया, जिसमें प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के साथ आम नागरिकों को होने वाली असुविधा रोकने पर जोर दिया गया था।
नए आदेश का उद्देश्य राजधानी में विरोध-प्रदर्शनों के लिए स्थान निर्धारित करना, सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करना और यातायात तथा सार्वजनिक जीवन पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करना बताया जा रहा है। हालांकि, आदेश में जंतर-मंतर की वर्तमान स्थिति, अन्य निर्धारित स्थलों के नाम और व्यवस्था लागू होने की अवधि से संबंधित प्रावधानों को स्पष्ट रूप से समझना जरूरी होगा। प्रदर्शनकारियों के लोकतांत्रिक अधिकारों और आम नागरिकों की सुविधा के बीच संतुलन बनाए रखना इस व्यवस्था की प्रमुख चुनौती रहेगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button