बाल सुरक्षा को लेकर डीसीपीसीआर की महत्वपूर्ण पहल
दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने बाल भिक्षावृत्ति रोकने, स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य करने और पोक्सो कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया है।

नई दिल्ली। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (डीसीपीसीआर) ने बच्चों की सुरक्षा और अधिकारों को लेकर अपनी विभिन्न पहलों की जानकारी देते हुए बाल भिक्षावृत्ति समाप्त करने, स्कूलों में आत्मरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य करने और पोक्सो कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया। कश्मीरी गेट स्थित आयोग के मुख्यालय में आयोजित मीडिया सम्मेलन में अध्यक्ष डॉ. ओ. पी. व्यास सहित आयोग के सदस्यों ने बाल सुरक्षा से जुड़े प्रयासों की जानकारी दी।
आयोग के अनुसार, दिल्ली के सभी विद्यालयों में नियमित आत्मरक्षा प्रशिक्षण अनिवार्य करने के लिए उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा नगर निगम के महापौर और आयुक्त को पत्र भेजे गए हैं। वहीं, पोक्सो जागरूकता अभियान के तहत बच्चों, अभिभावकों और स्कूल स्टाफ को सुरक्षित-असुरक्षित स्पर्श, कानून तथा समय पर शिकायत करने के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
आयोग ने बाल भिक्षावृत्ति मुक्त दिल्ली अभियान के तहत बच्चों के बचाव के साथ उनके दीर्घकालिक संरक्षण, भावनात्मक पुनर्वास और औपचारिक शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया है। राष्ट्रीय पोषण माह के तहत केंद्रीय रसोईघरों और आंगनवाड़ी केंद्रों का निरीक्षण कर बच्चों एवं माताओं के लिए संचालित खाद्य वितरण व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की गई।
डीसीपीसीआर के मुताबिक, 8 जुलाई 2026 से अब तक 377 सक्रिय मामलों में कार्रवाई की गई है, जिनमें 56 मामलों में आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया। ये मामले पोक्सो, किशोर न्याय, बाल श्रम और शिक्षा के अधिकार से संबंधित हैं। आयोग ने बच्चों और नागरिकों से संकट या अधिकारों के उल्लंघन की स्थिति में राष्ट्रीय बाल हेल्पलाइन 1098 तथा डीसीपीसीआर की हेल्पलाइन 9220999390 पर संपर्क करने की अपील की।




