सार्वजनिक स्थानों पर महाराष्ट्र में हिजाब और बुर्का बैन कर सकती है महाराष्ट्र सरकार
मुंबई में बीएमसी के कूपर हॉस्पिटल के मैटरनिटी वार्ड में घुसने से पहले एक महिला से कथित तौर पर बुर्का उतारने के लिए कहे जाने पर विवाद खड़ा हो गया है। बुर्के में बच्चा चोरी का मामला सामने आया। इस पर अब महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे ने बड़ी बात कही है।

मुंबई ब्यूरो। महाराष्ट्र सरकार में मंत्री नितेश राणे ने हिजाब और बुर्के को लेकर एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब पर प्रतिबंध लगाने की मांग उठती है, तो राज्य की हिंदुत्व विचारधारा वाली सरकार इस पर सकारात्मक रूप से विचार कर सकती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में हिंदुत्व की विचारधारा वाली सरकार है और इस तरह के मुद्दों पर सरकार आवश्यकता के अनुसार निर्णय लेने पर विचार करेगी।
नितेश राणे ने कहा कि राज्य सरकार पहले ही ‘लव जिहाद’ के खिलाफ कानून ला चुकी है और छत्रपति शिवाजी महाराज के किलों पर मौजूद कथित अवैध ढांचों तथा मजारों को हटाने की कार्रवाई भी की गई है। उनके मुताबिक, इन कार्रवाइयों का उद्देश्य कथित ‘लैंड जिहाद’ को रोकना है। उन्होंने कहा कि यदि सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब को लेकर प्रतिबंध की आवश्यकता महसूस होती है, तो सरकार इस दिशा में भी कड़ा निर्णय लेने पर विचार कर सकती है।
मुंबई के कूपर अस्पताल में बुर्के को लेकर हुए विवाद का उल्लेख करते हुए राणे ने अस्पताल प्रशासन की कार्रवाई को उचित बताया। उन्होंने दावा किया कि कुछ मामलों में हिजाब और बुर्के का इस्तेमाल पहचान छिपाने या अपराध को अंजाम देने के लिए किया गया है। उन्होंने स्कूल-कॉलेजों में नकल, मतदान के दौरान कथित फर्जी मतदान और बच्चों के अपहरण जैसी घटनाओं का जिक्र किया। हालांकि, इन दावों के समर्थन में उन्होंने किसी विशिष्ट मामले या आधिकारिक आंकड़े का हवाला नहीं दिया।
राणे ने कहा कि उन्होंने मुंबई के अन्य अस्पतालों में भी ऐसी घटनाओं के बारे में सुना है, जिनमें कथित तौर पर बच्चों के अपहरण के लिए हिजाब या बुर्के का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने कहा कि यदि कोई अस्पताल सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर इस तरह का कदम उठाता है तो उसका उद्देश्य गलत गतिविधियों को रोकना और पूर्व में हुई घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना होना चाहिए।
हिजाब को लेकर उन्होंने मुस्लिम बहुल और इस्लामिक देशों में लागू अलग-अलग नीतियों का भी उल्लेख किया। राणे ने सवाल उठाया कि यदि कुछ देशों में हिजाब या बुर्के को लेकर प्रतिबंधात्मक नीतियां हैं, तो भारत में सार्वजनिक स्थानों पर हिजाब को लेकर प्रतिबंध की मांग का स्वागत क्यों नहीं किया जाना चाहिए।
कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर महाराष्ट्र सरकार का बचाव करते हुए राणे ने मजगांव में अंडे फेंके जाने की घटना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र पुलिस सक्षम है और घटना के आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मामले दर्ज किए गए। उन्होंने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार और पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है।
राणे ने कहा कि महाराष्ट्र और केंद्र में हिंदुत्व की विचारधारा वाली सरकारें हैं। उन्होंने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदू समुदाय ने सरकार को इस उम्मीद के साथ सत्ता में भेजा है कि उसकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि मंत्रियों को इसी जिम्मेदारी के तहत सरकार में स्थान दिया गया है।
मंत्री ने उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट और कांग्रेस पर भी निशाना साधा। उन्होंने अहिल्यानगर में तिलक लगाने वाले एक हिंदू युवक की कथित हत्या का मुद्दा उठाते हुए सवाल किया कि संबंधित राजनीतिक दलों के नेताओं ने इस मामले में आवाज क्यों नहीं उठाई। राणे ने कहा कि जो दल खुद को धर्मनिरपेक्ष बताते हैं और सभी धर्मों के प्रति समान सम्मान तथा गंगा-जमुनी तहजीब की बात करते हैं, उन्हें ऐसे मामलों में भी समान रूप से अपनी आवाज उठानी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक दल हिजाब और बुर्के से जुड़े मुद्दों पर मुखर रहते हैं, लेकिन हिंदुओं से जुड़े मामलों में चुप्पी साध लेते हैं। राणे ने कहा कि राजनीतिक दल किस विचारधारा या रंग को अपनाते हैं, यह उनका अपना फैसला है, लेकिन बालासाहेब ठाकरे की विरासत का दावा करने वालों को अपने राजनीतिक रुख पर आत्ममंथन करना चाहिए।




