एमओसी कैंसर केयर ने नई दिल्ली के पूसा रोड में नया केंद्र शुरू किया, एनसीआर में बढ़ाया विस्तार
एमओसी कैंसर केयर ने पूसा रोड में अपना नया कैंसर उपचार केंद्र शुरू किया है। केंद्र में कीमोथेरेपी, लक्षित चिकित्सा, प्रतिरक्षा चिकित्सा और रक्त संबंधी कैंसर के उपचार जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। पूसा रोड केंद्र एनसीआर में एमओसी का चौथा केंद्र है।

नई दिल्ली। भारत के प्रमुख विशेषीकृत कैंसर उपचार नेटवर्क एम|ओ|सी कैंसर केयर ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति का विस्तार करते हुए नई दिल्ली के पूसा रोड में अपने नए केंद्र का शुभारंभ किया। केंद्र का उद्घाटन पेटेंट, डिजाइन एवं व्यापार चिह्न महानियंत्रक, उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के प्रो. डॉ. उन्नत पी. पंडित की उपस्थिति में हुआ। उन्होंने कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की।
पूसा रोड स्थित नए केंद्र में कैंसर विज्ञान और रक्त संबंधी कैंसर के उपचार की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। यहां कीमोथेरेपी, लक्षित चिकित्सा, प्रतिरक्षा चिकित्सा सहित समग्र कैंसर देखभाल की सेवाएं प्रदान की जाएंगी। केंद्र को अर्ध-आईसीयू सुविधा से लैस किया गया है, जिससे कई प्रकार के उपचार मरीजों को 24 घंटे अस्पताल में भर्ती किए बिना उपलब्ध कराए जा सकेंगे। केंद्र का स्थान दिल्ली के प्रमुख और आसानी से पहुंच वाले क्षेत्र में होने के कारण मरीजों को उपचार के दौरान बार-बार लंबी दूरी तय करने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है।
कार्यक्रम में प्रो. डॉ. उन्नत पी. पंडित ने कहा कि कैंसर देखभाल केवल अस्पताल या उपचार केंद्र में दी जाने वाली चिकित्सा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भी महत्वपूर्ण है कि मरीज उस उपचार तक कितनी आसानी से पहुंच सकता है और लंबे उपचार के दौरान उसे लगातार जारी रख सकता है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हर वर्ष लगभग 30 हजार नए कैंसर मामलों और करीब 15 हजार कैंसर संबंधी मौतों का अनुमान है, जबकि वर्ष 2026 में नए मामलों की संख्या लगभग 35 हजार तक पहुंचने का अनुमान है। ऐसे में विशेषीकृत कैंसर उपचार की पहुंच को मजबूत करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पड़ोस और स्थानीय स्तर पर कैंसर उपचार सेवाओं का विस्तार मरीजों के लिए चिकित्सा सुविधाओं को अधिक सुलभ बना सकता है। इससे लंबे उपचार के दौरान परिवारों को होने वाली यात्रा, आर्थिक खर्च और अन्य परेशानियों को कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर भी विशेष जोर देते हुए कहा कि जिन कैंसर की जांच संभव है, उनके लिए नियमित जांच और समय पर पहचान की व्यवस्था को मजबूत करना बेहद जरूरी है।
कैंसर का उपचार कई महीनों तक चल सकता है, जिसमें चिकित्सकीय परामर्श, विभिन्न जांच और कई चरणों में उपचार की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में उपचार केंद्र का मरीज के घर के अपेक्षाकृत करीब होना उसके उपचार अनुभव का महत्वपूर्ण हिस्सा बन जाता है। दिल्ली में कैंसर के मामलों का बोझ पिछले पांच वर्षों में करीब 13 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है। दिल्ली जनसंख्या आधारित कैंसर रजिस्ट्री ने वर्ष 2026 में लगभग 35 हजार नए कैंसर मामलों का अनुमान जताया है। क्षेत्र में जीवनकाल के दौरान कैंसर होने का अनुमानित जोखिम पुरुषों में छह में से एक और महिलाओं में सात में से एक बताया गया है। इससे उपचार के साथ-साथ रोकथाम और शुरुआती जांच की आवश्यकता भी सामने आती है।
दिल्ली में पुरुषों और महिलाओं में कैंसर के मामलों का स्वरूप भी अलग-अलग दिखाई देता है। पुरुषों में फेफड़े, मुंह की गुहा और प्रोस्टेट कैंसर मिलकर कुल कैंसर मामलों में लगभग 30 प्रतिशत का योगदान करते हैं। वहीं महिलाओं में स्तन, गर्भाशय ग्रीवा और अंडाशय के कैंसर मिलकर करीब 40 प्रतिशत मामलों में योगदान करते हैं। वायु प्रदूषण, बदलती जीवनशैली तथा पर्यावरणीय और खान-पान से जुड़े कारक भी कैंसर के जोखिम को लेकर बढ़ती सार्वजनिक चर्चा का हिस्सा बन रहे हैं।
एमओसी कैंसर केयर, पूसा रोड की मेडिकल ऑन्कोलॉजिस्ट डॉ. तन्वी सिंह ने कहा कि कैंसर उपचार करा रहे मरीजों के लिए उपचार केंद्र की निकटता महत्वपूर्ण अंतर पैदा कर सकती है। घर के नजदीक उपचार उपलब्ध होने से मरीज अपने चिकित्सकीय दल के साथ बेहतर निरंतरता बनाए रख सकते हैं और बार-बार यात्रा के कारण होने वाली दिनचर्या की बाधाओं को कम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि एम|ओ|सी में इस दृष्टिकोण को प्रमाण आधारित उपचार, विभिन्न विशेषज्ञताओं के बीच समन्वित चिकित्सा और निरंतर सीखने की प्रक्रिया का समर्थन प्राप्त है।
डॉ. सिंह ने कहा कि कैंसर की रोकथाम, जांच और शुरुआती निदान को कैंसर देखभाल का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए। विशेष रूप से स्तन, गर्भाशय ग्रीवा, मुंह और फेफड़ों के कैंसर दिल्ली में बीमारी के बोझ में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। ऐसे में उपचार के साथ जागरूकता और शुरुआती पहचान पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत है।
पूसा रोड केंद्र राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में एमओसी कैंसर केयर का चौथा केंद्र है। संगठन की व्यापक विस्तार योजना के तहत दिल्ली में कुल पांच केंद्र स्थापित करने की योजना है। आगामी प्रीत विहार केंद्र के शुरू होने से राजधानी के अन्य हिस्सों में भी विशेषीकृत कैंसर उपचार की पहुंच मजबूत होने की उम्मीद है। संगठन के अनुसार, वर्तमान में देशभर में उसके 32 केंद्र और 62 कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सक हैं। इन केंद्रों के माध्यम से चिकित्सकीय विशेषज्ञता को सामुदायिक स्तर पर उपलब्ध सुविधाओं के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
यह विस्तार ऐसे समय में हुआ है जब देशभर में कैंसर की रोकथाम और शुरुआती पहचान पर विशेष जोर दिया जा रहा है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से हाल में गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की रोकथाम और जांच को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है। इसी दिशा में एम|ओ|सी कैंसर केयर का कहना है कि कैंसर देखभाल को केवल उपचार तक सीमित रखने के बजाय रोकथाम, जागरूकता, जांच और शुरुआती निदान पर भी समान ध्यान देने की आवश्यकता है।
उत्तर भारत के लिए एमओसी कैंसर केयर के मुख्य परिचालन अधिकारी आदित्य बहादुर ने कहा कि संगठन के केंद्र अपने कैंसर विशेषज्ञों के सामूहिक चिकित्सकीय अनुभव को व्यापक, व्यक्तिगत और समग्र कैंसर देखभाल के साथ मरीजों के समुदायों के करीब उपलब्ध कराने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की रोकथाम और जांच को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते जोर के बीच निवारक कैंसर देखभाल को केवल जागरूकता तक सीमित रखने के बजाय उसे जमीनी स्तर पर अधिक सुलभ बनाना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली और एनसीआर में विस्तार के साथ संगठन का लक्ष्य ऐसा जुड़ा हुआ स्वास्थ्य नेटवर्क तैयार करना है, जिसमें विशेषज्ञ उपचार, कैंसर की शुरुआती पहचान, रोकथाम और उपचार की निरंतरता को एक साथ जोड़ा जा सके, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सही समय पर उचित कैंसर देखभाल उपलब्ध हो सके।




