बांद्रा स्टेशन और बांद्रा टर्मिनस के बीच 700 मीटर रेल लाइन की हालत सुधरी, 15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार बहाल
मुंबईकरों के लिए राहत भरी खबर है। बांद्रा स्टेशन और बांद्रा टर्मिनस के बीच करीब 700 मीटर लंबी रेलवे लाइन की खराब हालत को सुधारने के लिए पश्चिम रेलवे ने बड़े पैमाने पर ट्रैक सुधार काम किया है। लंबे समय से कचरे, गंदगी और पानी की समस्या से जूझ रहे इस ट्रैक पर अब सामान्य स्पीड बहाल कर दी गई है।

मुंबई/एजेंसी। बांद्रा स्टेशन और बांद्रा टर्मिनस के बीच करीब 700 मीटर लंबी रेलवे लाइन की खराब हालत को सुधारने के लिए पश्चिम रेलवे ने बड़े पैमाने पर ट्रैक सुधार कार्य पूरा किया है। लंबे समय से कचरे, गंदगी और जलभराव की समस्या से प्रभावित इस रेलखंड पर अब ट्रेनों की सामान्य बुक्ड स्पीड 15 किलोमीटर प्रति घंटे तक बहाल कर दी गई है। रेलवे के अनुसार, इससे बांद्रा से मुंबई सेंट्रल और दादर की ओर खाली लोकल ट्रेन या इंजन ले जाने और वापस लाने में परिचालन को कुछ गति मिल सकेगी।
यह रेल लाइन वर्ष 1992-93 के दौरान बांद्रा और बांद्रा टर्मिनस को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से बिछाई गई थी। इसके आसपास गरीब नगर और नाउपाड़ा जैसी बस्तियां होने के कारण लंबे समय से ट्रैक के आसपास कचरा और गंदा पानी जमा होने की समस्या बनी हुई थी। लगातार जलभराव और गंदगी के कारण रेलवे ट्रैक की स्थिति खराब होती चली गई। कई स्थानों पर रेल फ्रेम में जंग लगने के साथ क्षति भी सामने आई थी। जलभराव के कारण सिग्नल और ट्रैक सर्किट से जुड़ी तकनीकी परेशानियां भी उत्पन्न हो रही थीं।
स्थिति को देखते हुए पश्चिम रेलवे ने वर्ष 2025 में इस रेलखंड के सुधार का अभियान शुरू किया। अभियान के तहत रेल लाइन और उसके आसपास से करीब 3,200 घन मीटर कचरा और मलबा हटाया गया। इसके अलावा 1,165 स्लीपरों पर मैनुअल ट्रैक नवीनीकरण का कार्य किया गया। ट्रैक को मजबूती प्रदान करने के लिए ट्रैक नवीनीकरण का काम भी कराया गया। ट्रैक को उठाने, समतल करने और आवश्यक मरम्मत के लिए मशीनों का इस्तेमाल किया गया।
रेलवे ने इस दौरान लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या 18 का भी व्यापक रखरखाव और ओवरहालिंग कराया। इन कार्यों के बाद इस रेलखंड की संरचनात्मक स्थिति के साथ-साथ सुरक्षा और परिचालन क्षमता में सुधार हुआ है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ट्रैक की स्थिति बेहतर होने से अब यहां परिचालन को पहले की तुलना में अधिक सुचारु रूप से संचालित किया जा सकेगा।
खराब ट्रैक के कारण इस मार्ग पर ट्रेनों की सामान्य रफ्तार को वर्ष 2018 में 15 किलोमीटर प्रति घंटे से घटाकर 10 किलोमीटर प्रति घंटे कर दिया गया था। वर्ष 2025 में ट्रैक की स्थिति को देखते हुए कुछ समय के लिए गति सीमा को और घटाकर 8 किलोमीटर प्रति घंटे करना पड़ा था। सुधार कार्य पूरा होने के बाद पहले इसे दोबारा 10 किलोमीटर प्रति घंटे किया गया और अब ट्रैक की स्थिति का आकलन करने के बाद सामान्य बुक्ड स्पीड 15 किलोमीटर प्रति घंटे बहाल कर दी गई है।
रेलवे के इस सुधार कार्य से विशेष रूप से उन परिचालन गतिविधियों में सुविधा मिलने की उम्मीद है, जिनमें खाली लोकल ट्रेनों या इंजनों को बांद्रा स्टेशन से मुंबई सेंट्रल और दादर की ओर ले जाना तथा वापस लाना शामिल है। हालांकि यह रेलखंड यात्री ट्रेनों के नियमित तेज परिचालन के बजाय मुख्य रूप से परिचालन संबंधी जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण है, लेकिन इसकी बेहतर स्थिति से रेल संचालन की विश्वसनीयता और सुरक्षा को मजबूती मिलेगी।




