जम्मू-कश्मीर में नंदनी, नंद कृष्णा, डेयरी मिल्क समेत घी के 10 ब्रांडों की बिक्री पर रोक, एफडीए ने जारी किया आदेश

जम्मू कश्मीर खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने रविवार को घी के 10 गैर मानक ब्रांडों की बिक्री, भंडारण और वितरण पर रोक लगा दी है। दरअसल एफडीए ने ये एक्शन तब लिया, जब लैब टेस्ट में ये उत्पाद निम्न गुणवत्ता वाले, असुरक्षित और गलत तरीके से ब्रांडेड पाए गए।

श्रीनगर/एजेंसी। जम्मू-कश्मीर खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने जनस्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा के मद्देनजर घी के 10 गैर-मानक ब्रांडों के चिन्हित बैचों की बिक्री, भंडारण, वितरण और प्रदर्शन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। प्रयोगशाला जांच में संबंधित उत्पादों को निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। जांच में कुछ नमूनों में विदेशी वनस्पति वसा की मौजूदगी समेत कई अनियमितताएं सामने आई हैं।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन की ओर से जारी आदेश के अनुसार, यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत की गई है। संबंधित नमूनों की जांच गाजियाबाद स्थित राष्ट्रीय खाद्य प्रयोगशाला के अधिसूचित खाद्य विश्लेषक तथा कश्मीर स्थित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला में कराई गई थी। प्रयोगशाला रिपोर्ट में उत्पादों की गुणवत्ता और संरचना को लेकर गंभीर विसंगतियां सामने आने के बाद इन पर प्रतिबंध लगाया गया।
प्रतिबंधित उत्पादों में डेयरी मोहन देसी घी के बैच नंबर 5, अपना डेयरी मिल्क देसी घी के बैच नंबर डीएम-6, मिल्क बाइट काऊ घी के बैच नंबर 137, नंदनी देसी घी के बैच नंबर एनडी-28, शाही ताज देसी घी के बैच नंबर 134, दावत फ्रेश के बैच नंबर वीटी09, नंद कृष्णा काऊ घी के बैच नंबर पीसी-05-26, वंदू काऊ घी के बैच नंबर डी143, डेयरी मिल्क देसी घी के बैच नंबर ओएम12 और मोहन डेयरी घी के बैच नंबर 6 शामिल हैं।
एफडीए के मुताबिक, प्रभावित नमूनों में बीटा-सिटोस्टेरॉल और विदेशी वनस्पति वसा की मौजूदगी, बॉडॉइन परीक्षण का सकारात्मक परिणाम, असामान्य वसा-अम्ल प्रोफाइल तथा निर्धारित भौतिक-रासायनिक मानकों से विचलन पाया गया। इन जांच निष्कर्षों के आधार पर संबंधित बैचों को गैर-मानक और उपभोक्ता स्वास्थ्य की दृष्टि से अस्वीकार्य माना गया है।
इन उत्पादों के नमूने जम्मू-कश्मीर के विभिन्न इलाकों से लिए गए थे। इनमें अनंतनाग, शांगस, लारनू, बिजबेहरा, सांबा, कठुआ, जम्मू, त्राल और पंपोर समेत कई क्षेत्र शामिल हैं। प्रशासन ने नमूनों की जांच के बाद संबंधित उत्पादों के चिन्हित बैचों को बाजार से हटाने की प्रक्रिया तेज कर दी है।
खाद्य एवं औषधि प्रशासन ने सभी खाद्य कारोबार संचालकों, थोक विक्रेताओं, वितरकों और खुदरा विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे प्रतिबंधित बैचों की बिक्री और वितरण तत्काल प्रभाव से बंद करें। साथ ही यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि इन उत्पादों का कोई स्टॉक बाजार में उपलब्ध न रहे।
संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों को अपने पास मौजूद प्रभावित बैचों के स्टॉक की पूरी जानकारी 48 घंटे के भीतर संबंधित नामित अधिकारी को उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। प्रवर्तन अधिकारियों को भी बाजार में कड़ी निगरानी रखने और प्रतिबंधित उत्पादों के आगे प्रसार को रोकने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने को कहा गया है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुसार घी केवल दूध या दूध से बने उत्पादों से प्राप्त होना चाहिए। दूध की वसा से प्राप्त न होने वाले अतिरिक्त पदार्थों की मिलावट वाले उत्पादों को घी के रूप में बेचना खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप नहीं है।
एफडीए ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि घी खरीदते समय ब्रांड नाम, बैच नंबर और पैकिंग तिथि की सावधानीपूर्वक जांच करें। उपभोक्ताओं और दुकानदारों से कहा गया है कि यदि प्रतिबंधित बैचों की बिक्री या उपलब्धता दिखाई देती है तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित खाद्य सुरक्षा अधिकारियों को दें।
प्रशासन ने कहा है कि यह कार्रवाई जनस्वास्थ्य और उपभोक्ता सुरक्षा के हित में एहतियाती कदम के तौर पर की गई है। साथ ही संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों के उस वैधानिक अधिकार पर इसका असर नहीं पड़ेगा, जिसके तहत वे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम और संबंधित नियमों के अनुसार एफएसएसएआई द्वारा अधिसूचित रेफरल प्रयोगशाला से दोबारा विश्लेषण करा सकते हैं।

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