मौजपुर के प्ले स्कूल में मासूम छात्र से हैवानियत!,कुर्सी से बांधकर पीटा, प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़

उत्तर पूर्वी दिल्ली के मौजपुर स्थित प्ले स्कूल में मासूम छात्र से मारपीट और यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है। आरोप है कि बच्चे को घंटों कुर्सी से बांधकर पीटा गया और आया ने उसके प्राइवेट पार्ट से छेड़छाड़ की।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड

उत्तर पूर्वी दिल्ली। मौजपुर इलाके के एक प्ले स्कूल में मासूम छात्र के साथ कथित मारपीट और यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल परिसर में बच्चे को कुर्सी से बांधकर पीटा गया और उसके साथ आपत्तिजनक व्यवहार किया गया। स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरों में घटना से जुड़े दृश्य कैद होने की बात सामने आई है। पीड़ित बच्चे के पिता की शिकायत और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जाफराबाद थाना पुलिस ने 28 अगस्त को स्कूल की निदेशक, प्रधानाचार्य, शिक्षिका और आया के खिलाफ पॉक्सो अधिनियम, किशोर न्याय अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित परिवार मौजपुर में रहता है और उनका बेटा इलाके के एक प्ले स्कूल में पढ़ता है। परिजनों ने पुलिस को बताया कि कुछ समय से बच्चे के व्यवहार में बदलाव दिखाई दे रहा था। वह शौचालय जाने से घबराने लगा था, रात में ठीक से सो नहीं पाता था और रोता रहता था। बच्चे की परेशानी को देखते हुए परिजन उसे चिकित्सक के पास लेकर गए। जांच के दौरान उसके दोनों कान के पर्दों में गंभीर सूजन पाई गई। चिकित्सक ने चोट के कारण की आशंका जताई, जिसके बाद परिजनों को स्कूल में बच्चे के साथ किसी तरह की मारपीट की आशंका हुई।
बच्चे के पिता का आरोप है कि उन्होंने स्कूल प्रशासन से परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज दिखाने की मांग की। आरोप के मुताबिक, शुरुआत में स्कूल प्रशासन ने कैमरे खराब होने की बात कही और बाद में अलग-अलग कारण बताकर उन्हें फुटेज उपलब्ध नहीं कराई गई। परिजनों को अगले दिन स्कूल आने के लिए कहा गया। आरोप है कि जब पिता दोबारा स्कूल पहुंचे तो फुटेज दिखाने के बदले उनसे 1500 रुपये मांगे गए। पिता के अनुसार, उन्होंने रुपये दिए, जिसके बाद उन्हें कुछ फुटेज दिखाई गईं।
परिजनों का दावा है कि फुटेज देखने के दौरान बच्चे के साथ कथित मारपीट के दृश्य सामने आए। आरोप है कि बच्चे को कान पकड़कर पीटा गया, लंबे समय तक कुर्सी से बांधकर रखा गया और कथित तौर पर लात मारकर कुर्सी से गिराया गया। बच्चे को खाना नहीं देने का आरोप भी लगाया गया है। एक अन्य सीसीटीवी फुटेज में आया द्वारा बच्चे के साथ आपत्तिजनक व्यवहार किए जाने का आरोप है।
मामले की जानकारी 27 अगस्त को पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस टीम स्कूल पहुंची और परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू की। पुलिस ने बच्चे का चिकित्सकीय परीक्षण भी कराया। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों और परिजनों के बयान के आधार पर 28 अगस्त को स्कूल की निदेशक, प्रधानाचार्य, शिक्षिका और आया के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
पीड़ित बच्चे के पिता ने स्कूल प्रबंधन के रवैये पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि जब उन्होंने बच्चे के साथ कथित मारपीट का कारण पूछा तो स्कूल की निदेशक ने कथित तौर पर कहा कि बच्चों को इसी तरह रोज पीटा जाता है और जो करना है कर लो। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस मामले से जुड़े सभी बयानों और साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज को जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। बच्चे के चिकित्सकीय परीक्षण की रिपोर्ट, परिवार के बयान और स्कूल परिसर से प्राप्त डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस स्कूल के कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रही है और घटना के पूरे क्रम को स्पष्ट करने के लिए उपलब्ध साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
मासूम छात्र के साथ स्कूल परिसर में कथित मारपीट और यौन उत्पीड़न के इस मामले ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अभिभावकों का कहना है कि स्कूलों में बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रभावी निगरानी व्यवस्था और कर्मचारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होना जरूरी है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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