नॉर्वे के महाराजा हेराल्ड पंचम का निधन, 89 वर्ष की उम्र में ली अंतिम सांस
यूरोपीय देश नार्वे के महाराजा हेराल्ड पंचम का निधन हो गया है। महाराजा हेराल्ड पंचम ने अपना कुछ समय अमेरिका में भी निर्वासन में बिताया था। उन्होंने अपनी स्कूल की प्रेमिका से शादी की थी।

स्टावांगेर/नॉर्वे। नॉर्वे के महाराजा हेराल्ड पंचम का 89 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। राजमहल की ओर से शुक्रवार सुबह उनके निधन की जानकारी दी गई। उनके निधन की खबर से नॉर्वे समेत दुनियाभर में शोक की लहर है। हेराल्ड यूरोप के सबसे उम्रदराज सम्राट थे और लंबे समय तक नॉर्वे की राजशाही का प्रतिनिधित्व करते रहे।
महाराजा हेराल्ड पंचम ने नॉर्वे की राजशाही को आधुनिक स्वरूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वह अपनी सादगी और आम लोगों से जुड़ाव के कारण देश में बेहद लोकप्रिय थे। हाल के वर्षों में यूरोप के कुछ अन्य उम्रदराज शासकों ने स्वास्थ्य और उम्र के कारण राजगद्दी छोड़ दी थी, लेकिन हेराल्ड ने पद छोड़ने से इनकार किया और जीवन के अंतिम समय तक राजा बने रहे।
हेराल्ड के निधन के बाद उनके बेटे हाकोन अष्टम को स्वतः नॉर्वे की राजगद्दी मिल गई है। नॉर्वे की संवैधानिक व्यवस्था में राजा की भूमिका मुख्य रूप से औपचारिक और प्रतीकात्मक है। देश की वास्तविक राजनीतिक सत्ता निर्वाचित संसद और सरकार के पास है। इसके बावजूद नॉर्वे के राजा को राष्ट्रीय एकता और देश की परंपराओं के प्रतीक के तौर पर महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त है।
हेराल्ड पंचम ने जनवरी 1991 में अपने पिता राजा ओलाव पंचम के निधन के बाद नॉर्वे की राजगद्दी संभाली थी। उनके लंबे शासनकाल में नॉर्वे ने तेल और गैस संसाधनों के कारण आर्थिक समृद्धि का दौर देखा। उनके शासन के दौरान देश ने आधुनिक कल्याणकारी राज्य के रूप में अपनी पहचान को और मजबूत किया।
हेराल्ड का जन्म वर्ष 1937 में ओस्लो के पास अस्केर में हुआ था। नाजी कब्जे के दौरान उनके बचपन का कुछ समय निर्वासन में अमेरिका में बीता। वह नॉर्वे में जन्म लेने वाले लंबे अंतराल के बाद पहले राजकुमार थे। वर्ष 1905 में स्वीडन के साथ नॉर्वे का साझा शासन समाप्त होने के बाद उनके दादा हाकोन सप्तम को नॉर्वे का राजा चुना गया था।
हेराल्ड पंचम की निजी जिंदगी भी लंबे समय तक चर्चा में रही। उन्होंने यूरोप की कई कुलीन महिलाओं के विवाह प्रस्तावों को ठुकराकर उस महिला से विवाह किया, जिससे वह स्कूल के दिनों से प्रेम करते थे। उनकी पत्नी सोन्या के साथ उनके संबंधों को नॉर्वे की आधुनिक राजशाही की चर्चित प्रेम कहानियों में गिना जाता है।
करीब 55 लाख की आबादी वाले लोकतांत्रिक नॉर्वे में हेराल्ड ने संवैधानिक राजा के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय अवसरों पर देश का प्रतिनिधित्व किया तथा बदलते दौर के साथ राजशाही को जनता के करीब बनाए रखने का प्रयास किया। उनके निधन के साथ नॉर्वे के राजपरिवार के एक लंबे और महत्वपूर्ण अध्याय का अंत हो गया है।




