पंजाब में रोजगार पर सरकार का जोर, मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 1,746 पुलिस जवानों को सौंपे नियुक्ति पत्र
पंजाब में सत्तारूढ़ मुख्यमंत्री भगवंत की अगुवाई वाली आम आदमी पार्टी की सरकार युवाओं के नौकरी के सपने को तेजी से पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री ने पंजाब पुलिस के 1746 जवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे। राज्य में अब तक 70,840 से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। इसके अलावा कुल 30 लाख रोजगार के अवसर पैदा किए गए हैं।

चंडीगढ़/एजेंसी। पंजाब में रोजगार को लेकर सियासत के बीच 27 अगस्त 2026 का दिन 1,746 परिवारों के लिए खास रहा। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने 1,746 पुलिस जवानों को नियुक्ति पत्र सौंपे। सरकार ने इन नियुक्तियों को बिना सिफारिश और बिना रिश्वत, योग्यता एवं मेहनत के आधार पर रोजगार देने के अपने मॉडल की मिसाल बताया।
सरकार के अनुसार अप्रैल 2022 से अगस्त 2026 तक पंजाब में 70,840 से अधिक सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। सरकार का कहना है कि इन नियुक्तियों का असर केवल सरकारी आंकड़ों तक सीमित नहीं है, बल्कि उन परिवारों तक पहुंच रहा है, जहां बेटे या बेटी को रोजगार मिलने से आर्थिक चिंताएं कम हो रही हैं और बेहतर भविष्य की उम्मीद मजबूत हो रही है।
पंजाब में रोजगार के अवसरों को केवल सरकारी भर्तियों तक सीमित नहीं रखा गया है। सरकार के मुताबिक राज्य में 6.36 लाख से अधिक निजी क्षेत्र की नौकरियां सृजित या सुगम की गई हैं। वहीं करीब 23 लाख युवाओं को रोजगार मेलों, प्लेसमेंट कैंपों और रोजगार सहायता नेटवर्क से जोड़ा गया है।
जुलाई 2026 में सुनाम में आयोजित मेगा रोजगार मेले को भी सरकार ने इसी दिशा में एक उदाहरण बताया। इसमें 562 युवाओं का चयन हुआ, जबकि 618 युवाओं को आगे के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया। रोजगार मेलों के माध्यम से युवाओं को एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों और रोजगार के अवसरों से जुड़ने का मौका मिल रहा है।
पंजाब में बढ़ते निवेश को भी रोजगार के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के अनुसार राज्य में करीब 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आया है। नई औद्योगिक नीतियों, निवेश प्रोत्साहनों और उद्योगों के लिए अनुकूल माहौल तैयार कर नई परियोजनाओं को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है।
निवेश बढ़ने से केवल फैक्ट्रियों और कंपनियों में प्रत्यक्ष रोजगार ही नहीं, बल्कि परिवहन, सेवा क्षेत्र, आपूर्ति व्यवस्था, छोटे कारोबार और स्थानीय बाजार में भी रोजगार के नए अवसर पैदा होने की संभावना रहती है।
भगवंत मान सरकार के लिए रोजगार अब केवल सरकारी योजना का विषय नहीं, बल्कि राजनीतिक पहचान का मुद्दा भी बन चुका है। आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से लगातार यह संदेश दिया जा रहा है कि युवाओं को नौकरी के लिए सिफारिश या रिश्वत की जरूरत नहीं होनी चाहिए और रोजगार योग्यता एवं मेहनत के आधार पर मिलना चाहिए।
वर्तमान युवा पीढ़ी सरकार के कामकाज को केवल राजनीतिक भाषणों के आधार पर नहीं, बल्कि रोजगार, पारदर्शिता, अवसर और भविष्य की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर भी परख रही है। ऐसे में नियुक्ति पत्र वितरण, रोजगार मेले, निजी क्षेत्र में अवसर और निवेश को सरकार युवाओं के बीच अपने काम के रूप में प्रस्तुत कर रही है।
हालांकि पंजाब में बेरोजगारी की चुनौती पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और युवाओं के लिए पर्याप्त एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार के अवसर पैदा करना अभी भी बड़ी जिम्मेदारी है। सरकार द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 70,840 से अधिक सरकारी नौकरियां, 6.36 लाख से अधिक निजी रोजगार के अवसर और करीब 23 लाख युवाओं को रोजगार नेटवर्क से जोड़ने के दावे किए गए हैं। करीब 1.84 लाख करोड़ रुपये के निवेश को भी रोजगार की संभावनाओं से जोड़ा जा रहा है।
27 अगस्त को 1,746 पुलिस जवानों को नियुक्ति पत्र मिलना इसी रोजगार नीति की अगली कड़ी के रूप में देखा जा रहा है। किसी युवा के हाथ में पहुंचा नियुक्ति पत्र उसके परिवार के लिए केवल नौकरी का दस्तावेज नहीं, बल्कि वर्षों की मेहनत का परिणाम और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी है।
पंजाब की राजनीति में आम आदमी पार्टी सरकार अब इसी भरोसे को अपनी ताकत बनाने की कोशिश कर रही है। सरकार का संदेश है कि सिफारिश और रिश्वत के बजाय मेहनत और योग्यता के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। यदि सरकारी भर्तियों के साथ निजी क्षेत्र में रोजगार, निवेश और औद्योगिक विस्तार की प्रक्रिया आगे बढ़ती है, तो इसका सबसे बड़ा लाभ पंजाब के युवाओं को मिल सकता है। रोजगार अब पंजाब में केवल चुनावी मुद्दा नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य और सरकार के प्रदर्शन की महत्वपूर्ण कसौटी बन चुका है।





