फर्जी सैन्य पहचान पत्र से मथुरा कैंट में घुसने की कोशिश, दो गिरफ्तार
मथुरा में श्री कृष्ण जन्माष्टमी से पहले फर्जी आर्मी पहचान पत्र के जरिए कैंट एरिया में घुसने की कोशिश कर रहे एक संदिग्ध युवक और उसके लिए जाली कागजात तैयार करने वाले मास्टरमाइंड को गिरफ्तार किया गया है।

मथुरा/उत्तर प्रदेश। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी से पहले मथुरा कैंट क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था में सेंध लगाने की कोशिश का मामला सामने आया है। थाना सदर बाजार पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने फर्जी सैन्य पहचान पत्र के जरिए कैंट क्षेत्र में प्रवेश करने की कोशिश करने वाले एक संदिग्ध युवक तथा उसके लिए कथित तौर पर जाली दस्तावेज तैयार करने वाले मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया है। दोनों के कब्जे से बड़ी संख्या में फर्जी दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य सामग्री बरामद होने की बात पुलिस ने कही है।
पुलिस की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, 26 अगस्त को मिलिट्री इंटेलिजेंस की टीम ने मथुरा कैंट क्षेत्र में संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे 23 वर्षीय राजाराम पुत्र गोपीचंद निवासी खरोट, थाना कोसीकलां, मथुरा को हिरासत में लिया था। तलाशी और जांच के दौरान उसके पास से फर्जी सैन्य पहचान पत्र बरामद हुआ। फर्जी पहचान पत्र के आधार पर कैंट क्षेत्र में प्रवेश करने के उद्देश्य को लेकर उससे पूछताछ की गई।
मामले में थाना सदर बाजार में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ आधिकारिक गोपनीयता अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस को फर्जी पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज तैयार करने वाले व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस और मिलिट्री इंटेलिजेंस की संयुक्त टीम ने 27 अगस्त को दोपहर करीब 12:15 बजे क्लिनिक इंटर कॉलेज के समीप घेराबंदी कर 22 वर्षीय आकाश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी अलीगढ़ का निवासी है और वर्तमान में बुलंदशहर में रह रहा था।
संयुक्त टीम ने दोनों आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, तीन मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड के अलावा 12 आधार कार्ड, 12 डेबिट कार्ड, सात अंकपत्र, छह जाति प्रमाण पत्र, छह निवास प्रमाण पत्र, तीन पैन कार्ड, एक मतदाता पहचान पत्र, एक ड्राइविंग लाइसेंस और एक बैंक पासबुक बरामद की है।
पुलिस और सैन्य खुफिया एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि इतनी बड़ी संख्या में पहचान संबंधी दस्तावेज आरोपियों के पास कैसे पहुंचे और फर्जी सैन्य पहचान पत्र तैयार करने के पीछे उनका उद्देश्य क्या था। जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि इस मामले के तार किसी अन्य व्यक्ति, गिरोह या नेटवर्क से जुड़े हैं या नहीं।
प्रभारी निरीक्षक त्रिपुरेश कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम और सैन्य नायक जितेंद्र सिंह की संयुक्त टीम मामले की विस्तृत जांच कर रही है। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मद्देनजर मथुरा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। ऐसे में कैंट क्षेत्र में फर्जी पहचान पत्र के जरिए प्रवेश की कोशिश सामने आने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता और बढ़ा दी है। मामले में आगे की जांच के आधार पर अन्य आरोपियों की भूमिका भी सामने आने की संभावना है।




