रक्षाबंधन पर बहन को 50 हजार का गिफ्ट: कैश दें या निवेश करें, जानें कौन सा विकल्प बेहतर

अगर आप इस बार अपनी बहन को ₹50,000 का राखी गिफ्ट देने की सोच रहे हैं, तो कैश के बजाय निवेश भी एक बेहतर विकल्प हो सकता है। विशेषज्ञों के मुताबिक, अगर बहन को तुरंत पैसों की जरूरत है, तो कैश उपयोगी रहेगा, लेकिन लंबी अवधि के लिए निवेश करने पर रकम बढ़ सकती है।

बिजनेस डेस्क। रक्षाबंधन भाई-बहन के प्रेम और स्नेह का पर्व है। इस दिन भाई-बहन एक-दूसरे को उपहार देकर अपने रिश्ते को और मजबूत करते हैं। यदि इस बार आप अपनी बहन या भाई को करीब 50 हजार रुपये का उपहार देने की योजना बना रहे हैं, तो कैश देने के बजाय इसी रकम को निवेश के रूप में गिफ्ट करने का विकल्प भी अपनाया जा सकता है। कैश जहां तत्काल जरूरत पूरी करने में मदद करता है, वहीं निवेश लंबे समय में रकम बढ़ाने का अवसर दे सकता है।
वित्तीय विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि भाई या बहन को पैसों की तत्काल जरूरत नहीं है, तो निवेश करना अपेक्षाकृत बेहतर विकल्प हो सकता है। ऑप्टिमा मनी मैनेजर्स के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी पंकज मथपाल के अनुसार, म्यूचुअल फंड जैसे निवेश को रक्षाबंधन पर उपहार के तौर पर दिया जा सकता है। हालांकि, कर एवं निवेश विशेषज्ञ बलवंत जैन का मानना है कि फैसला प्राप्तकर्ता की वित्तीय जरूरत को ध्यान में रखकर किया जाना चाहिए।
यदि बहन या भाई के सामने कोई जरूरी खर्च, आपातकालीन आवश्यकता या कर्ज है, तो कैश अधिक उपयोगी साबित हो सकता है। वहीं, आर्थिक स्थिति ठीक होने और तत्काल पैसों की जरूरत नहीं होने पर निवेश भविष्य में अधिक मूल्यवान उपहार बन सकता है।
50 हजार की रकम भविष्य में कितनी हो सकती है
यदि केवल उदाहरण के तौर पर 50 हजार रुपये के बाजार आधारित निवेश पर औसतन 10 प्रतिशत वार्षिक रिटर्न मान लिया जाए, तो यह रकम करीब 10 वर्षों में लगभग 1.30 लाख रुपये और 20 वर्षों में करीब 3.36 लाख रुपये हो सकती है। हालांकि, यह केवल गणना का उदाहरण है। म्यूचुअल फंड और अन्य बाजार आधारित निवेश में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती और वास्तविक रकम बाजार के प्रदर्शन पर निर्भर करेगी।
कैश और निवेश का बीच का रास्ता भी विकल्प
यदि आप तत्काल जरूरत और भविष्य की बचत, दोनों का ध्यान रखना चाहते हैं तो रकम को दो हिस्सों में बांटा जा सकता है। उदाहरण के लिए 10 से 15 हजार रुपये कैश और बाकी 35 से 40 हजार रुपये निवेश किए जा सकते हैं। इससे भाई या बहन तत्काल अपनी जरूरत या पसंद की वस्तु खरीद सकते हैं और शेष राशि भविष्य के लिए निवेशित रह सकती है।
यदि सामने वाला व्यक्ति खुद निवेश करना पसंद करता है, तो उसे कैश गिफ्ट देकर अपनी जरूरत, वित्तीय लक्ष्य और जोखिम क्षमता के अनुसार निवेश करने का विकल्प भी दिया जा सकता है।
भाई-बहन के बीच ₹50 हजार के कैश गिफ्ट पर सामान्यतः टैक्स नहीं
आयकर नियमों के तहत निर्दिष्ट रिश्तेदारों से प्राप्त उपहार आम तौर पर प्राप्तकर्ता के हाथ में कर योग्य नहीं होते। भाई और बहन निर्दिष्ट रिश्तेदारों की श्रेणी में आते हैं। ऐसे में भाई-बहन के बीच 50 हजार रुपये का कैश गिफ्ट सामान्य परिस्थितियों में प्राप्तकर्ता के लिए कर योग्य नहीं होगा। हालांकि, बाद में उस रकम को निवेश करने से होने वाली आय या लाभ पर संबंधित कर नियम लागू हो सकते हैं।
शेयर या म्यूचुअल फंड गिफ्ट करने पर अलग नियम
कैश के बजाय शेयर या म्यूचुअल फंड की इकाइयां उपहार में देने पर स्थिति अलग हो सकती है। उपहार प्राप्त होने के समय सामान्यतः पूंजीगत लाभ कर नहीं लगता, लेकिन भविष्य में जब प्राप्तकर्ता इन निवेशों को बेचता है, तो लागू नियमों के अनुसार पूंजीगत लाभ कर लग सकता है। इसलिए निवेश गिफ्ट करने से पहले निवेश के प्रकार और उससे जुड़े कर प्रभाव को समझना जरूरी है।
कुल मिलाकर, यदि भाई या बहन को पैसों की तत्काल जरूरत है तो कैश अधिक उपयोगी उपहार हो सकता है। वहीं, यदि तत्काल जरूरत नहीं है और भविष्य के लिए धन बढ़ाना उद्देश्य है तो निवेश बेहतर विकल्प साबित हो सकता है। इस तरह रक्षाबंधन का 50 हजार रुपये का उपहार केवल वर्तमान की खुशी ही नहीं, बल्कि भविष्य की आर्थिक जरूरतों में भी मददगार बन सकता है।

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