जम्मू-कश्मीर में बिजली दरों में बढ़ोतरी से उद्योगों पर बढ़ेगा बोझ, भाजपा ने जताई चिंता
भाजपा जम्मू-कश्मीर इंडस्ट्री सेल के संयोजक ने उद्योगों के लिए बिजली दरों में 10% और डिमांड चार्ज में तीन गुना वृद्धि पर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि इससे औद्योगिक इकाइयों की उत्पादन लागत बढ़ेगी और उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता प्रभावित होगी।

जम्मू/एजेंसी। भाजपा जम्मू-कश्मीर उद्योग प्रकोष्ठ के संयोजक दीपक गुप्ता ने औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए बिजली दरों में कथित 10 प्रतिशत बढ़ोतरी और मांग शुल्क में करीब तीन गुना वृद्धि पर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बिजली की लागत बढ़ने से जम्मू-कश्मीर की औद्योगिक इकाइयों की उत्पादन लागत बढ़ेगी और उनकी प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता प्रभावित हो सकती है।
दीपक गुप्ता ने कहा कि एक ओर सरकार निवेश आकर्षित करने और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने पर जोर दे रही है, वहीं दूसरी ओर बिजली की लागत में इतनी बड़ी वृद्धि उद्योग जगत के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि बिजली उद्योग के लिए बुनियादी इनपुट है और इसकी कीमत बढ़ने का सीधा असर उत्पादन लागत तथा औद्योगिक इकाइयों की व्यवहार्यता पर पड़ेगा।
उन्होंने केंद्र सरकार की भव्या योजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह जम्मू-कश्मीर में आधुनिक और तैयार औद्योगिक ढांचा विकसित करने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने केंद्र शासित प्रदेश सरकार से योजना के तहत मौजूदा औद्योगिक क्षेत्रों के विकास और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की।
गुप्ता ने सरकार से जम्मू-कश्मीर में भव्या योजना के प्रभावी उपयोग के लिए समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि कार्ययोजना में औद्योगिक क्षेत्रों की पहचान, बुनियादी ढांचे के विकास की समयसीमा और पहले से प्रीमियम जमा कर चुके पात्र निवेशकों को समायोजित करने की स्पष्ट व्यवस्था होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर की औद्योगिक नीति प्रतिस्पर्धात्मकता, निवेशकों के विश्वास और समयबद्ध क्रियान्वयन पर आधारित होनी चाहिए। औद्योगिक विकास को गति देने के लिए बिजली की लागत को तर्कसंगत बनाने के साथ बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और मौजूदा निवेशकों के हितों की रक्षा करना भी जरूरी है।




