मराठी भाषा नियम को लेकर ऑटो-टैक्सी चालकों की हड़ताल, परिवहन मंत्री ने दी राहत की चेतावनी

महाराष्ट्र में ऑटो-टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा अनिवार्य करने के नियम पर विवाद के बीच, परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने राहत का एलान किया है।

मुंबई/एजेंसी। महाराष्ट्र में ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालकों के लिए मराठी भाषा सीखने की अनिवार्यता को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। नियम के विरोध में चालकों ने सोमवार से तीन दिवसीय हड़ताल शुरू कर दी है। इसी बीच महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने चालकों को राहत देते हुए स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयसीमा पूरी होने से पहले यदि कोई क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अधिकारी गलत तरीके से जुर्माना लगाता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन मंत्री ने बताया कि अब तक करीब 1.65 लाख गैर-मराठी ऑटो और टैक्सी चालक स्वेच्छा से मराठी भाषा की कक्षाओं में शामिल होकर भाषा सीख रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि चालकों को मराठी सीखने के लिए निर्धारित समय दिया जाए और इस अवधि में उनके खिलाफ जबरन कार्रवाई न की जाए।
सरनाईक ने चेतावनी दी कि समयसीमा समाप्त होने से पहले चालकों पर जबरन जुर्माना लगाने वाले क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जो चालक जानबूझकर मराठी सीखने से इनकार करेंगे, उनके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
परिवहन विभाग के 12 अगस्त के सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, जिन ऑटो और टैक्सी चालकों को कामचलाऊ मराठी भाषा का ज्ञान नहीं है, उन्हें पहले एक महीने का नोटिस और भाषा सीखने का अवसर दिया जाएगा। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि चालक भाषा संबंधी शर्त पूरी नहीं करते हैं तो उनके लाइसेंस और बैज को निलंबित किया जा सकता है।
इसके बाद संबंधित चालकों को मराठी सीखने के लिए तीन महीने का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। अतिरिक्त समय में भी निर्धारित शर्त पूरी नहीं होने पर लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है।
सरकार के इस फैसले के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में भी विवाद तेज हो गया है। शिवसेना नेता संजय निरुपम ने हाल ही में परिवहन मंत्री से मुलाकात कर चालकों को एक महीने का नोटिस दिए बिना उन पर भारी जुर्माना लगाने की कार्रवाई रोकने की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि नियम की समयसीमा पूरी होने से पहले चालकों पर 25 हजार रुपये तक का जुर्माना लगाया जा रहा है।
इधर, भाषा संबंधी नियम के विरोध में ऑटो और टैक्सी चालकों की तीन दिवसीय हड़ताल शुरू होने से मुंबई समेत महाराष्ट्र के विभिन्न हिस्सों में परिवहन व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। सरकार की ओर से अब अधिकारियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं, जबकि भाषा सीखने से इनकार करने वाले चालकों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई की बात कही गई है।

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