कौशाम्बी पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य, ई-रिक्शा को दिखाई हरी झंडी
कौशाम्बी पहुंचे डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने मां शीतला अतिथि गृह में महापुरुषों को नमन किया और ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद उन्होंने भाजपा पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ समीक्षा बैठक कर संगठन की मजबूती, जनहित के मुद्दों और स्थानीय समस्याओं पर चर्चा की।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशांबी/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं कौशाम्बी निवासी केशव प्रसाद मौर्य रविवार को अपने गृह जनपद पहुंचे। उनके आगमन को लेकर भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों में उत्साह देखने को मिला। डिप्टी सीएम ने सायरा स्थित मां शीतला अतिथि गृह पहुंचकर माल्यार्पण किया। इसके बाद उन्होंने महापुरुषों की प्रतिमाओं पर पुष्पमाला अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने ई-रिक्शा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्थानीय भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और क्षेत्रीय लोग मौजूद रहे। ई-रिक्शा को रवाना करते हुए उन्होंने स्थानीय स्तर पर परिवहन सुविधाओं के विस्तार और आम लोगों की सुविधा से जुड़े प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
कार्यक्रम के बाद डिप्टी सीएम ने भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में संगठन की गतिविधियों, आगामी कार्यक्रमों और जनहित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। उन्होंने कार्यकर्ताओं से क्षेत्र की समस्याओं और जनता से जुड़े विषयों की जानकारी भी ली।
बैठक के दौरान संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने, कार्यकर्ताओं के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने तथा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर भी चर्चा हुई। कार्यकर्ताओं ने क्षेत्र की स्थानीय समस्याओं और संगठनात्मक गतिविधियों से संबंधित जानकारी उपमुख्यमंत्री के समक्ष रखी।
केशव प्रसाद मौर्य के गृह जनपद दौरे को स्थानीय राजनीति और संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आगामी संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर भी कार्यकर्ताओं के साथ विचार-विमर्श किया गया। पार्टी पदाधिकारियों ने संगठन को और अधिक सक्रिय बनाने तथा जनसमस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी तरीके से कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई।
डिप्टी सीएम के कौशाम्बी पहुंचने पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। पूरे कार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल रहा। दौरे के माध्यम से संगठन और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ संवाद को मजबूत करने पर विशेष जोर दिखाई दिया।




