यूपी में दोमुंहे सांप की तस्करी के मामले में बड़ी कार्रवाई, एसएचओ,दरोगा समेत नौ पर मुकदमा दर्ज
लखीमपुर खीरी के मैगलगंज में दोमुंहे सांप की बरामदगी के मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका पर हुई जांच के बाद एसएचओ समेत आठ पुलिसकर्मियों और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

लखीमपुर खीरी,उत्तर प्रदेश। मैगलगंज थाना क्षेत्र में दोमुंहे सांप की बरामदगी और कथित तस्करी के मामले में पुलिसकर्मियों की भूमिका पर उठे सवालों के बाद अब बड़ी कार्रवाई हुई है। मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी समेत आठ पुलिसकर्मियों और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। इससे पहले जांच में पुलिसकर्मियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने के बाद सभी आठ को निलंबित किया जा चुका है।
मामला 25 सितंबर का है, जब मैगलगंज पुलिस ने रहजनिया अंडरपास के पास कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को गिरफ्तार करने और उनके कब्जे से दो जीवित रेड सैंड बोआ यानी दोमुंहे सांप बरामद करने का दावा किया था। पुलिस के अनुसार, तलाशी के दौरान कार से सांपों के अलावा मोबाइल फोन भी बरामद हुए थे। सांपों को वन विभाग के सुपुर्द कर आरोपियों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत कार्रवाई की गई थी।
गिरफ्तार युवकों के परिजनों ने बाद में पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर आरोप लगाए। शिकायत में कहा गया कि युवक किसी व्यक्ति के कहने पर रुपये लेने मैगलगंज क्षेत्र में पहुंचे थे, जहां उन्हें एक व्यक्ति ने बुलाया था। परिजनों का आरोप था कि बाद में पुलिसकर्मी तीनों युवकों को अपने साथ ले गए और उन्हें थाने से बाहर एक निजी मकान में रखकर दबाव बनाया गया।
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि युवकों को धमकाकर उनके परिवार से करीब दो लाख रुपये मंगवाए गए। रकम क्यूआर कोड के माध्यम से एक निजी व्यक्ति के बैंक खाते में भेजे जाने का आरोप भी लगाया गया। इसके अलावा युवकों के साथ मारपीट करने तथा उन्हें फर्जी मुकदमे में जेल भेजने या मुठभेड़ की धमकी देने के आरोप लगाए गए। ये आरोप शिकायतकर्ताओं की ओर से लगाए गए थे और इन्हीं के आधार पर जांच शुरू की गई थी।
शिकायत के बाद पुलिस अधीक्षक डॉ. ख्याति गर्ग ने मामले की जांच कराई। जांच के दौरान पुलिसकर्मियों की भूमिका में लापरवाही, अनुशासनहीनता और कर्तव्य के प्रति उदासीनता सामने आने के बाद मैगलगंज के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक संजीव कुमार सिंह, उपनिरीक्षक शुभम कुमार, हेड कांस्टेबल देवेंद्र सिंह यादव तथा कांस्टेबल राहुल कुमार, रोहित कुमार, देवेंद्र सिसोदिया, विश्वास सिंह और अमित कुमार यादव को निलंबित कर दिया गया था।
अब विभागीय कार्रवाई के बाद मामले में मुकदमा भी दर्ज किया गया है। नामजद आरोपियों में संजीव कुमार सिंह, शुभम कुमार, देवेंद्र सिंह यादव, राहुल कुमार, रोहित कुमार, देवेंद्र सिसोदिया, विश्वास सिंह, अमित कुमार यादव और निजी व्यक्ति साहिल सोनी शामिल हैं। मुकदमे में धमकी, बंधक बनाए जाने और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत संबंधित गंभीर धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब कथित रकम के लेनदेन और पूरे घटनाक्रम में प्रत्येक आरोपी की भूमिका की जांच कर रही है।
मामले में पुलिस की कार्रवाई से लेकर आरोपियों की गिरफ्तारी और कथित धनवसूली तक के घटनाक्रम की जांच जारी है। आगे की कानूनी कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।




