टिकट काटे जाने से नाराज दरोगा ने बस थाने पर रोकी, हाथरस एसपी ने किया निलंबित
यूपी के हाथरस में बस कंडक्टर की ओर से टिकट काटे जाने से नाराज दरोगा ने बेवजह यात्रियों को परेशान किया गया। यात्रियों ने दरोगा का वीडियो बनाकर वायरल कर दिया।

हाथरस/उत्तर प्रदेश। हाथरस जिले में खाकी की दबंगई का मामला सामने आया है, जहां रोडवेज बस में टिकट काटे जाने से नाराज एक दरोगा ने बस रुकवाकर यात्रियों को बेवजह परेशान कराया। मामले का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने संबंधित दरोगा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, हाथरस पुलिस में रेडियो शाखा में तैनात दरोगा राजेश कुमार बुधवार को आगरा के फाउंड्रीनगर डिपो की बस से हाथरस के लिए सवार हुए थे। यह बस आगरा के आंवलखेड़ा से हरिद्वार के बीच संचालित होती है। यात्रा के दौरान बस परिचालक ने दरोगा से टिकट मांगा, जिस पर उन्होंने पहचान पत्र दिखाया, लेकिन उसे मान्य न मानते हुए परिचालक ने उनका टिकट काट दिया।
बताया गया है कि इस बात से नाराज दरोगा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए बस को लेकर कंट्रोल रूम में भ्रामक सूचना प्रसारित कर दी। सूचना के आधार पर सासनी कोतवाली क्षेत्र स्थित अलीगढ़ रोड पर हनुमान चौकी के पास पुलिस ने बस को रुकवा लिया।
इसके बाद बस में सवार सभी यात्रियों को नीचे उतारकर चेकिंग शुरू कर दी गई और उनके सामान की तलाशी ली गई। इस दौरान बस चालक और परिचालक द्वारा विरोध करने पर उन्हें फटकार लगाकर शांत करा दिया गया। यात्रियों ने इस कार्रवाई को अनुचित बताते हुए विरोध किया और घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
बस परिचालक लोकेंद्र कुमार के अनुसार, दरोगा द्वारा दिखाया गया पास रोडवेज बसों में मान्य नहीं था, जिसके चलते परिवहन नियमों के तहत उनका टिकट सामान्य यात्री की तरह काटा गया। आरोप है कि इसी से नाराज होकर दरोगा ने हाथरस पहुंचने के बाद वायरलेस के माध्यम से पुलिस को सूचना देकर बस रुकवाई और यात्रियों की तलाशी कराई।
इस पूरे मामले में सीओ सिटी हिमांशु माथुर ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लेते हुए प्रारंभिक जांच में दरोगा राजेश कुमार प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए हैं, जिसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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