सावन शुरू होते ही गूंजा ‘बम-बम भोले’: कौशाम्बी से हजारों कांवड़िए बैजनाथ धाम के लिए रवाना

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। सावन माह के शुभारंभ के साथ ही जनपद में आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। भगवान भोलेनाथ की भक्ति में डूबे श्रद्धालुओं के जयकारों से पूरा जनपद ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष से गूंज उठा है। बाबा भोलेनाथ का जलाभिषेक करने के लिए जिले के विभिन्न क्षेत्रों से हजारों की संख्या में कांवड़ियों के जत्थे बैजनाथ धाम के लिए रवाना हो रहे हैं।
शुक्रवार की सुबह जनपद मुख्यालय मंझनपुर चौराहे पर बड़ी संख्या में कांवड़िए एकत्र हुए। भगवा वस्त्र धारण किए श्रद्धालुओं ने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद भगवान शिव के जयकारे लगाए और उत्साहपूर्वक अपनी यात्रा प्रारंभ की। कांवड़िए नाचते-गाते, ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन पर झूमते हुए अपने गंतव्य की ओर बढ़ते नजर आए। पूरे नगर क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा।
जिले के अन्य नगरों, कस्बों और ग्रामीण इलाकों से भी कांवड़ यात्रियों के जत्थे लगातार रवाना हो रहे हैं। इस बार की कांवड़ यात्रा में पुरुषों के साथ-साथ महिलाओं, युवाओं और बच्चों में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा कांवड़ियों के स्वागत के लिए पंडाल लगाए गए हैं, जहां उन्हें जलपान और विश्राम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।
कांवड़ यात्रा को सकुशल संपन्न कराने के लिए पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद है। प्रमुख मार्गों, चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए विशेष प्रबंध किए गए हैं, ताकि कांवड़ियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
सावन माह के आगमन के साथ ही पूरे जनपद में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना हुआ है। कांवड़ यात्रा न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि यह सामाजिक समरसता और सामूहिक उत्साह का भी जीवंत उदाहरण प्रस्तुत कर रही है।




