बम की सूचना पर जवानों की जगह रोबोट संभालेंगे मोर्चा, दिल्ली पुलिस ने किया अत्याधुनिक यूजीवी का परीक्षण
दिल्ली पुलिस बम और विस्फोटक की कॉल्स के दौरान जवानों की जान का जोखिम कम करने के लिए अत्याधुनिक रोबोट खरीदने की तैयारी कर रही है।

नई दिल्ली। बम या विस्फोटक की सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस के जवानों को सीधे खतरे में जाने से बचाने के लिए अब अत्याधुनिक रोबोट के इस्तेमाल की तैयारी की जा रही है। दिल्ली पुलिस मुख्यालय में गुरुवार को बम डिटेक्शन एंड डिस्पोजल स्क्वॉड के लिए दो अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल (यूजीवी) का प्रदर्शन किया गया। इनमें एक रोबोट भारतीय कंपनी हाईटेक रोबोटिक्स सिस्टम्स ने विकसित किया है, जबकि दूसरा आयरलैंड में निर्मित एवेंजर यूजीवी है। इनकी कीमत करीब दो से तीन करोड़ रुपये बताई गई है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, रोबोट की खरीद पर अंतिम निर्णय परीक्षण के परिणामों के आधार पर लिया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान बताया गया कि इनका इस्तेमाल संदिग्ध वस्तुओं की दूर से निगरानी, जांच और आवश्यकता पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थान तक ले जाने में किया जा सकता है। इससे बम निरोधक दस्ते के जवानों को सीधे संदिग्ध वस्तु के पास जाने की जरूरत कम हो सकती है।
भारतीय रोबोट की परिचालन सीमा करीब एक किलोमीटर बताई गई है। इसमें पांच कैमरे और दोतरफा संचार व्यवस्था है, जबकि एक्स-रे प्रणाली के जरिए संदिग्ध वस्तु की अंदरूनी स्थिति की जांच में मदद मिल सकती है। यह रोबोट करीब 10 से 15 किलोग्राम वजन उठाकर उसे बम बास्केट में रखने या सुरक्षित स्थान तक ले जाने में सक्षम बताया गया है। इसका वजन करीब 110 किलोग्राम है और रिचार्जेबल बैटरी लगभग चार घंटे तक काम कर सकती है।
आयरलैंड निर्मित एवेंजर यूजीवी वायरलेस आरएफ प्रणाली और कमांड कंसोल से संचालित होता है। इसमें अतिरिक्त बैटरी, चार्जर, दोतरफा संचार हेडसेट और अन्य संचालन उपकरण उपलब्ध हैं। जरूरत के अनुसार इसमें डिसरप्टर, शॉटगन, एक्स-रे और अतिरिक्त कैमरा जैसे उपकरण लगाए जा सकते हैं। यह रोबोट करीब 50 किलोग्राम तक वजन उठाने में सक्षम बताया गया है। पुलिस के लिए ऐसे रोबोट खास तौर पर बम की सूचना, संदिग्ध वस्तु और अन्य उच्च जोखिम वाली आपात स्थितियों में उपयोगी हो सकते हैं।




