जम्मू-कश्मीर का दौरा बीच में छोड़ा, वैष्णो देवी यात्रा भी रद्द कर अचानक दिल्ली लौटे नितिन नवीन

जम्मू/एजेंसी। जम्मू में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का दो दिवसीय जम्मू-कश्मीर दौरा अचानक बीच में ही समाप्त हो गया। पार्टी के अनुसार, आधिकारिक प्रतिबद्धताओं के चलते उन्हें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली लौटना पड़ा, जिसके कारण वे रियासी जिले में स्थित प्रसिद्ध माता वैष्णो देवी मंदिर के दर्शन नहीं कर सके। त्रिकुटा पहाड़ियों पर स्थित इस पवित्र धाम में उनके पूजा-अर्चना का कार्यक्रम पूर्व निर्धारित था, जिसे अंतिम समय में रद्द करना पड़ा।
भाजपा अध्यक्ष के रूप में केंद्र शासित प्रदेश के अपने पहले दौरे पर नवीन सोमवार दोपहर जम्मू पहुंचे थे। अपने प्रवास के दौरान उन्होंने संगठनात्मक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देते हुए कई महत्वपूर्ण बैठकों में हिस्सा लिया। उन्होंने त्रिकुटा नगर स्थित भाजपा मुख्यालय में पार्टी के मौजूदा और पूर्व विधायकों के साथ करीब डेढ़ घंटे तक चली संयुक्त बैठक की अध्यक्षता की। इसके अलावा उन्होंने अम्फल्ला स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के मुख्यालय ‘केशव भवन’ का भी दौरा किया, जहां संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श किया।
दौरे के दूसरे दिन उनका कार्यक्रम माता वैष्णो देवी मंदिर जाकर पूजा-अर्चना करने का था, लेकिन कार्यक्रम में अचानक बदलाव के कारण इसे निरस्त कर दिया गया। भाजपा के जम्मू-कश्मीर इकाई के प्रवक्ता आर.एस. पठानिया ने बताया कि संगठनात्मक आवश्यकताओं के चलते यह बदलाव किया गया। उन्होंने कहा कि अध्यक्ष को तत्काल दिल्ली लौटकर एक अहम बैठक में शामिल होना था।
पठानिया के अनुसार, प्रारंभिक कार्यक्रम में जिला और शहरी स्तर के नेताओं, जनप्रतिनिधियों तथा पूर्व विधायकों के साथ अलग-अलग बैठकों का आयोजन प्रस्तावित था, लेकिन समयाभाव के कारण इन सभी को एक संयुक्त बैठक में समाहित कर दिया गया। उन्होंने बताया कि बैठक में जम्मू-कश्मीर में पार्टी की संगठनात्मक मजबूती, राष्ट्रवादी विचारधारा के विस्तार, जनता के बीच विश्वास बढ़ाने तथा क्षेत्रीय सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
दौरे के दौरान नितिन नवीन ने डोगरा चौक पर भारतीय जनसंघ के वरिष्ठ नेता प्रेम नाथ डोगरा को श्रद्धांजलि भी अर्पित की। वहीं, उन्हें एक युवा सम्मेलन को संबोधित करना था, लेकिन कार्यक्रम में बदलाव के चलते यह आयोजन भी रद्द कर दिया गया। भाजपा नेताओं के अनुसार, भले ही दौरा समय से पहले समाप्त हुआ, लेकिन यह संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण और उपयोगी साबित रहा।




