दिल्ली पुलिस का मानवीय चेहरा—ट्रैफिक इंस्पेक्टर की सूझबूझ से वकील की बची जान
आईटीओ चौराहे पर ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला ने समय रहते सीपीआर देकर दिल का दौरा पड़ने से गिरे अधिवक्ता नवनीत कुमार की जान बचाई। उन्हें तुरंत एलएनजेपी अस्पताल पहुंचाया गया, जहां इलाज के बाद उनकी हालत स्थिर है।

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के व्यस्त आईटीओ चौराहे पर उस समय मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल देखने को मिली, जब दिल्ली पुलिस के एक ट्रैफिक इंस्पेक्टर ने अपनी तत्परता और समझदारी से एक अधिवक्ता की जान बचा ली। इस घटना ने एक बार फिर साबित कर दिया कि पुलिस केवल कानून-व्यवस्था तक सीमित नहीं, बल्कि आपात स्थिति में जीवनरक्षक की भूमिका भी निभाती है।
जानकारी के अनुसार, पटियाला हाउस कोर्ट के अधिवक्ता नवनीत कुमार अपनी बाइक से तीस हजारी कोर्ट से पटियाला हाउस कोर्ट की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे आईटीओ रेड लाइट पर पहुंचे, उन्हें अचानक सीने में तेज दर्द हुआ और वे संतुलन खोकर बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। व्यस्त चौराहे पर यह स्थिति बेहद गंभीर थी, जहां कुछ ही पलों की देरी जानलेवा साबित हो सकती थी।
उसी दौरान कमला मार्केट सर्किल में ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। सबसे पहले उन्होंने घायल अधिवक्ता का हेलमेट उतारा और उनकी शारीरिक स्थिति की जांच की। जब उन्हें महसूस हुआ कि नवनीत कुमार की सांसें धीमी पड़ रही हैं, तो उन्होंने तत्काल मौके पर ही सीपीआर (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) देना शुरू कर दिया।
इंस्पेक्टर बैंसला द्वारा दिए गए सीपीआर का असर कुछ ही क्षणों में दिखने लगा और अधिवक्ता की सांसों में हलचल शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने बिना किसी देरी के नवनीत कुमार को अपनी सरकारी गाड़ी में बैठाकर लोकनायक जयप्रकाश नारायण (एलएनजेपी) अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने तुरंत उनका उपचार शुरू किया।
अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि यदि मौके पर समय रहते सीपीआर नहीं दिया जाता या अस्पताल पहुंचाने में थोड़ी भी देर होती, तो स्थिति अत्यंत गंभीर हो सकती थी और जान का खतरा बढ़ सकता था। फिलहाल इलाज के बाद अधिवक्ता नवनीत कुमार की स्थिति स्थिर बताई जा रही है और वे खतरे से बाहर हैं।
इस घटना के बाद ट्रैफिक इंस्पेक्टर गोपाल बैंसला की त्वरित कार्रवाई और मानवीय संवेदनशीलता की व्यापक सराहना हो रही है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने उनकी बहादुरी और जिम्मेदारी की भावना की प्रशंसा की है।
यह घटना इस बात का प्रमाण है कि दिल्ली पुलिस के जवान न केवल यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में तत्पर रहते हैं, बल्कि आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की जान बचाने के लिए भी हर संभव प्रयास करते हैं। इंस्पेक्टर बैंसला का यह कार्य समाज के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बनकर सामने आया है।




