गुरुग्राम में सात श्रमिकों की मौत मामले में पुलिस बरत रही ढिलाई, मानवाधिकार आयोग ने मांगी रिपोर्ट

गुरुग्राम। सिधरावली स्थित सिग्नेचर ग्लोबल की निर्माणाधीन साइट पर एसटीपी के लिए खोदे गए गड्ढे में मिटी धंसने से सात श्रमिकों की मौत के मामले में 15 दिन बाद भी कंपनी और ठेकेदार कंपनी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाई है। मामले में कंपनी, ठेकेदार समेत छह लोगों के खिलाफ गैर इरादत हत्या व सुरक्षा में लापरवाही से संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया था। गुरुग्राम पुलिस फिलहाल दो लोगों को ही पकड़ पाई है। जबकि प्रदेश स्तर पर सख्ती बरती जा रही है और राष्ट्रीय व हरियाणा मानवाधिकार आयोग दोनों संगठन गुरुग्राम पुलिस व अन्य विभागों से मामले में रिपोर्ट भी मांग चुके हैं।
नौ मार्च की रात सिग्नेचर ग्लोबल साइट में मिट्टी धंसने से 11 श्रमिक उसमें दब गए थे। ठेकेदार कंपनी व अन्य लोगों ने गुरुग्राम पुलिस को इस घटना की सूचना नहीं दी थी। सभी घायलों को निकालकर भिवाड़ी के निजी व सरकारी अस्पताल भेजा गया था। यहां झारखंड और राजस्थान के सात श्रमिकों को मृत घोषित कर दिया गया। भिवाड़ी पुलिस ने गुरुग्राम पुलिस को मामले की सूचना दी थी। कंपनी की तरफ से इस मामले को छिपाने की भी कोशिश की गई थी।
साइट स्ट्रक्चर इंचार्ज और सेफ्टी इंचार्ज ऑफिसर के खिलाफ शिकायत
बिलासपुर थाना पुलिस ने एक दिन बाद श्रमिक के स्वजन की शिकायत पर केस दर्ज किया। इसमें सिग्नेचर ग्लोबल कंपनी, एसटीपी प्लांट निर्माण का कार्य करने वाली बालाजी कंस्ट्रक्शन कंपनी, ठेकेदार दीनदयाल शर्मा उर्फ डीडी शर्मा, प्रोजेक्ट इंचार्ज दिनेश वीर, साइट स्ट्रक्चर इंचार्ज विकास पांडे व सेफ्टी इंचार्ज ऑफिसर के खिलाफ शिकायत दी गई थी। इसमें पुलिस ने दिनेश व विकास पांडे को गिरफ्तार किया था। अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी अब तक नहीं हो पाई है। बिलासपुर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार ने कहा कि मामले की जांच की जा रही है। ठेकेदार को खुद चोट आई थी। उसके पैर में प्लास्ट लगा हुआ है। इलाज के बाद उस पर कार्रवाई की जाएगी।
संबंधित विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब
साथ ही अन्य आरोपितों के बारे में भी जांच की जा रही है। वहीं बीते दिनों इस मामले का कड़ा संज्ञान लेते हुए हरियाणा मानवाधिकार आयोग ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग, श्रम विभाग, पुलिस और नगर निगम गुरुग्राम सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी कर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।




