दिल्ली में एसीबी ने नकली फार्मेसी सर्टिफिकेट मामले में 45 आरोपियों को किया गिरफ्तार
ACB arrested 45 accused in fake pharmacy certificate case in Delhi

नई दिल्ली। नकली फार्मेसी सर्टिफिकेट मामले में एसीबी ने 45 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 35 वो लोग शामिल हैं, जिन्होंने फर्जी तरीके से फार्मेसी में डिग्री या डिप्लोमा की डिग्री हासिल की थी। इसके अलावा दिल्ली फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार, दलाल व सर्टिफिकेट बनाने वाले आरोपी शामिल हैं।
दिल्ली फार्मेसी काउंसिल के रजिस्ट्रार कुलदीप सिंह की नियुक्ति पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन ने 2020 में की थी। जांच में पता चला है कि कुलदीप ने 5000 के करीब सर्टिफिकेट जारी किए। इसमें अधिकतर सर्टिफिकेट फर्जी पाए गए हैं।
आम आदमी पार्टी की सरकार में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) समेत अन्य विभागों के मंत्री रहे सत्येंद्र जैन के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर दर्ज मामले में सिर्फ उन्हीं को ही नामजद किया गया। दूसरे नामों को लेकर अन्य लिखा हुआ है। दिल्ली सरकार की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा (एसीबी) प्रमुख संयुक्त पुलिस आयुक्त मधुर वर्मा ने बताया था कि सत्येंद्र जैन के खिलाफ आईं काफी शिकायतों में कहा गया है कि सीसीटीवी कैमरे भी पूरे नहीं लगाए गए थे।
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के कर्मचारी की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया है कि 571 करोड़ रुपये की कीमत के सीसीटीवी कैमरे लगाने की योजना में बीईएल पर लगाए गए 16 करोड़ रुपये के जुर्माने को पूर्व मंत्री ने 7 करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर माफ कर दिया।
कंपनी को कुल 1.40 लाख कैमरे लगाने थे। कंपनी पर जुर्माना लगने के बावजूद उसे 1.40 लाख सीसीटीवी लगाने का नया टेंडर भी दे दिया गया। ये भी आरोप है कि कैमरे अच्छी तकनीक व क्वाॅलिटी वाले नहीं थे। इनमें से ज्यादा जगहों पर तो कैमरे लगाए ही नहीं गए। शिकायत में ये भी कहा गया है कि कई जगह लगाए गए कैमरे चले भी नहीं।
शिकायतकर्ता ने कहा कि वह कंपनी की ओर से सीसीटीवी कैमरे लगाने की परियोजना में शामिल था। उसे पता है कि रिश्वत में रकम नकदी में दी व ली गई। एसीबी अधिकारियों का कहना है कि एसीबी अब पीडब्ल्यूडी व बीईएल कंपनी के पदाधिकारियों का पता लगाएगी। उनका डाटा खंगाला जा रहा है। एसीबी कर्मचारियों व पदाधिकारियों का पता लगाने के लिए जल्द ही पीडब्ल्यूडी व बीईएल को पत्र लिखेगी।




