दुनिया का सबसे बड़ा ‘नूरजहां आम’ बना अलीराजपुर की पहचान, एक फल की कीमत हजारों में
अफगानिस्तान से भारत आया 'नूरजहां आम' आज दुनिया का सबसे दुर्लभ और वजनी आम बन चुका है। मध्य प्रदेश के कट्ठीवाड़ा में होने वाले इस आम के एक पीस की कीमत ₹3,800 तक है।

अलीराजपुर/मध्य प्रदेश। गर्मियों में आम की कई लोकप्रिय किस्में बाजार में उपलब्ध रहती हैं, लेकिन मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में उगने वाला ‘नूरजहां आम’ अपनी अनोखी विशेषताओं और ऊंची कीमत के कारण देश-विदेश में खास पहचान बना चुका है। यह दुर्लभ आम अपने विशाल आकार के लिए जाना जाता है, जिसका वजन 3 से 5 किलोग्राम तक होता है और एक फल की कीमत 1000 से 3800 रुपये तक पहुंच जाती है।
जानकारों के अनुसार ‘नूरजहां आम’ का संबंध भारत से नहीं, बल्कि अफगानिस्तान से माना जाता है। ऐतिहासिक तथ्यों और स्थानीय दावों के मुताबिक यह किस्म सदियों पहले अफगानिस्तान से भारत लाई गई थी, जो गुजरात के रास्ते अलीराजपुर के कट्ठीवाड़ा क्षेत्र तक पहुंची। वर्तमान में यह दुर्लभ प्रजाति केवल इसी क्षेत्र में संरक्षित रह गई है, जबकि अफगानिस्तान और गुजरात में इसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड नहीं मिलता।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस आम का इतिहास मुगल काल से जुड़ा है और इसका नाम मुगल साम्राज्ञी नूरजहां के नाम पर रखा गया। कट्ठीवाड़ा क्षेत्र में जाधव परिवार द्वारा ‘नूरजहां मैंगो फार्म’ में इसकी बागवानी को बढ़ावा दिया गया। वर्ष 1978 से 1981 के बीच जब यह आम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया, तो इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।
यह आम सामान्य रूप से किलो के हिसाब से नहीं बेचा जाता, बल्कि प्रति फल के आधार पर इसकी कीमत तय होती है। पिछले सीजन में इसका एक फल 3.30 किलोग्राम तक दर्ज किया गया था। सीमित उत्पादन के कारण देश-विदेश के खरीदार इसे पहले से बुक कर लेते हैं, जिससे इसकी मांग लगातार बनी रहती है।
उच्च कीमत और दुर्लभता के चलते बागानों में इसकी सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जाते हैं। ‘नूरजहां आम’ का पेड़ अपेक्षाकृत छोटा होता है, लेकिन फल का आकार बड़ा और आकर्षक होता है। इसका छिलका मुलायम, गूदा रेशारहित और स्वाद में अत्यंत मीठा व सुगंधित होता है, जिसमें केसर जैसी खुशबू महसूस होती है।
कट्ठीवाड़ा की विशेष जलवायु और मिट्टी इस आम की गुणवत्ता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। सीमित क्षेत्र में उगने के कारण यह आम आज एक लग्जरी फल के रूप में पहचान बना चुका है और इसे चखना आम उपभोक्ता के लिए एक विशेष अनुभव माना जाता है।




