पश्चिम बंगाल में कॉलेज के यूनियन रूम में मिले दो ट्राली बैगों में भरे नोटों के बंडल
पश्चिम बंगाल में भ्रष्टाचार और अकूत कैश मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्थ चटर्जी के ठिकानों के बाद अभी कुछ दिन पहले ही एक तृणमूल नेता के पाट के खेतों से करोड़ों रुपये मिले थे। इस के बाद मंगलवार को अब शिक्षा का मंदिर भी 'ब्लैक मनी' का अड्डा साबित हुआ है।

कोलकाता/एजेंसी। बंगाल में भ्रष्टाचार और अकूत कैश मिलने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। पार्थ चटर्जी के ठिकानों के बाद अभी कुछ दिन पहले ही एक तृणमूल नेता के पाट के खेतों से करोड़ों रुपये मिले थे। इस के बाद मंगलवार को अब शिक्षा का मंदिर भी ‘ब्लैक मनी’ का अड्डा साबित हुआ है। कोलकाता के सियालदह स्थित प्रसिद्ध सुरेंद्ननाथ कालेज के छात्र संघ (यूनियन) रूम की अलमारी से दो ट्राली बैग भरकर भारी संख्या में नकदी बरामद की हुई है।
हैरान करने वाली बात यह है कि बंद बैग में रखे इन नोटों के बंडलों को दीमकों ने बुरी तरह चाट लिया है। आरोप है कि यह रकम कालेज में अवैध दाखिलों के बदले छात्रों से वसूली गई रिश्वत की है, जिसे यूनियन रूम में छिपाकर रखा गया था।
मंगलवार को जब साफ-सफाई के लिए यूनियन रूम को खोला गया, तो अलमारी से दो संदिग्ध बक्से मिले। इन्हें खोलते ही वहां मौजूद लोगों के होश उड़ गए। बक्सों के भीतर 100 और 500-500 रुपये के नोटों की गड्डियां भरी हुई थीं, जिनमें से अधिकांश को दीमक खा चुके थे।
जिस कमरे से यह ‘धन’ (छिपा हुआ खजाना) मिला, उसके ठीक बाहर पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके भतीजे अभिषेक बनर्जी के पोस्टर लगे हुए थे, जिससे इस मामले ने फौरन राजनीतिक तूल पकड़ लिया। इस घटना पर तीखा हमला बोलते हुए भाजपा विधायक सजल घोष ने कहा कि यह जनता और गरीब छात्रों के खून-पसीने की कमाई है। आखिर किसी के पास कितना काला धन होना चाहिए कि उसे संभालने का वक्त न मिले और उसे दीमक खा जाएं? हमने पहले ही दावा किया था कि इस कालेज के यूनियन फंड में डेढ़ करोड़ रुपये का हेरफेर है।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस के संरक्षण में इस कालेज में करोड़ों रुपये के बदले सीटें बेची गईं और इसमें सत्तापक्ष के कई बड़े चेहरे शामिल हैं। फिलहाल इस सनसनीखेज बरामदगी के बाद दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग तेज हो गई है।




