नासिक में ज का सही भाव न मिलने से नाराज किसानों ने किया प्रदर्शन, विपक्ष के कई नेता हिरासत में
नासिक में प्याज के उचित दाम न मिलने से नाराज किसानों ने बड़ा प्रदर्शन किया, जिसमें विपक्षी नेता भी शामिल हुए और कई को हिरासत में लिया गया।

नासिक/महाराष्ट्र। प्याज के उचित दाम न मिलने से नाराज नासिक के प्याज उत्पादक किसानों का गुस्सा मंगलवार को फूट पड़ा। अपनी मांगों को लेकर किसानों ने नासिक की सड़कों पर उतरकर एक विशाल और उग्र प्रदर्शन किया। इस आंदोलन को धार देने के लिए कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी किसानों के साथ सड़कों पर उतरे। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ते देख पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए विपक्षी दलों के कई प्रमुख नेताओं को हिरासत में ले लिया है। इस बीच, राजनीतिक गलियारों में इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी भी तेज हो गई है। अपनी मांगों को लेकर किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को सीधे प्रधानमंत्री से मुलाकात करने वाला है। देश में प्याज उत्पादन का गढ़ माने जानेवाले नासिक जिले की मंडियों में पिछले कुछ समय से प्याज के भाव औंधे मुंह गिरे हैं, जिससे लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है। इसी के विरोध में मंगलवार सुबह से ही हजारों की संख्या में किसान नासिक मुख्यालय पर जुटना शुरू हो गए थे।
आंदोलनकारियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए प्याज के न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने और निर्यात नीति में ढील देने की मांग की। किसानों के इस आक्रोश को भांपते हुए कांग्रेस और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेता भी मैदान में कूद पड़े। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज देश का अन्नदाता पाई-पाई को मोहताज हो गया है।
जैसे ही आंदोलनकारियों ने मुख्य प्रशासनिक भवन की ओर मार्च करने का प्रयास किया, वहां पहले से तैनात भारी पुलिस बल ने उन्हें बैरिकेड्स लगाकर रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की भी हुई।
माहौल को तनावपूर्ण होता देख पुलिस ने प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कांग्रेस और राकांपा (शरदचंद्र पवार) के नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। किसानों के आंदोलन और विपक्ष के हमलों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी तीखा पलटवार किया है।
मुख्यमंत्री ने विपक्षी नेताओं पर किसानों के कंधे पर बंदूक रखकर राजनीति करने का आरोप लगाया। फडणवीस ने विपक्ष को खुली चुनौती देते हुए कहा कि विपक्षी दल आज घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं।
मैं उन्हें चुनौती देता हूं कि वे आंकड़ों के साथ सामने आएं और बताएं कि जब राज्य में उनका कार्यकाल था, तब किसानों को प्याज का कितना मूल्य दिया जा रहा था। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और जल्द ही इस समस्या का सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा। नासिक के किसान अब इस लड़ाई को दिल्ली के गलियारों तक ले जाने की तैयारी में हैं। अपनी बदहाली और प्याज के गिरते दामों की जमीनी हकीकत बयां करने के लिए प्याज उत्पादक किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल बुधवार को प्रधानमंत्री से मुलाकात करेगा। किसान नेताओं का कहना है कि वे प्रधानमंत्री के सामने प्याज की लागत, मंडियों के मौजूदा हालात और निर्यात शुल्क से जुड़ी समस्याओं को विस्तार से रखेंगे। किसानों को उम्मीद है कि केंद्र सरकार के दखल के बाद उन्हें अपनी उपज का सही और लाभकारी मूल्य मिल सकेगा।




