वृंदावन में ‘ब्रज आस्था महाकुंभ 2026’ के विज़न का शुभारंभ, सांस्कृतिक पुनर्जागरण का आह्वान

मथुरा/उत्तर प्रदेश। भारत की आध्यात्मिक विरासत और सांस्कृतिक चेतना को वैश्विक मंच पर स्थापित करने की दिशा में वृंदावन स्थित रेडिसन होटल में एक महत्वपूर्ण कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें “Welcome to My Country, India” पहल के अंतर्गत “ब्रज आस्था महाकुंभ 2026” के विज़न का भव्य शुभारंभ किया गया। भगवान श्रीकृष्ण की लीला-स्थली ब्रज से प्रारंभ यह अभियान केवल एक सांस्कृतिक आयोजन तक सीमित न होकर भारत की सनातन परंपरा, पर्यावरणीय संरक्षण, आध्यात्मिक पर्यटन, युवा नेतृत्व और वैश्विक सांस्कृतिक कूटनीति को एक सूत्र में जोड़ने वाला व्यापक प्रयास बताया गया। कार्यक्रम में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए संतों, शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं और सामाजिक नेतृत्वकर्ताओं की उपस्थिति रही।
इस अवसर पर ग्नार्ली ट्रूप ग्लोबल फेडरेशन के संस्थापक अध्यक्ष अमरजीत ग्नार्ली ने ब्रज क्षेत्र के संरक्षण और सांस्कृतिक पुनर्जागरण को लेकर अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ब्रज आस्था महाकुंभ भारत की सभ्यतागत चेतना को पुनर्जीवित करने का एक राष्ट्रीय अभियान है, जिसके माध्यम से ब्रज की धरोहर, जल संसाधनों और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण के साथ भविष्य की पीढ़ियों के लिए सतत विकास का मार्ग प्रशस्त किया जाएगा।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने इस पहल को विकसित भारत 2047, एक भारत श्रेष्ठ भारत, सतत विकास लक्ष्यों और सांस्कृतिक कूटनीति के अनुरूप एक दूरदर्शी कदम बताया। उन्होंने कहा कि “वसुधैव कुटुम्बकम्” की भावना पर आधारित यह अभियान भारत की सॉफ्ट पावर को सुदृढ़ करते हुए विश्व को संस्कृति, सहयोग और सतत जीवनशैली का संदेश देगा। कार्यक्रम के माध्यम से ब्रज से विश्व तक सांस्कृतिक पुनर्जागरण के संदेश को प्रसारित करने की बात कही गई और इसे भारत की वैश्विक भूमिका को नई दिशा देने वाला महत्वपूर्ण प्रयास बताया गया।

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