अब हार्ट अटैक से नहीं जाएगी लोगों की जान! हिमाचल के 2 छात्रों ने बनाई ऐसी घड़ी जो पहले ही कर देगी अलर्ट

हमीरपुर/हिमाचल प्रदेश। आज खराब लाइफस्टाइल और खानपान की वजह से हार्ट अटैक का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। भारत में पिछले तीन सालों में दिल का दौरा पड़ने से मौत का आंकड़ा काफी ज्यादा बढ़ा है। एनसीआरबी की ओर से जारी नए आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल 2022 में ही हार्ट अटैक के मामलों में 12.5% का इजाफा हुआ है। हार्ट अटैक के बढ़ते हुए केसों को देखते हुए हिमाचल के छात्रों ने एक ऐसी घड़ी बनाई है। जिससे हार्ट अटैक आने पर लोगों को जान बचाई जा सकेगी।
हिमाचल के छात्रों द्वारा बनाई गई ये घड़ी हार्ट अटैक आने से पहले ही मरीज के परिजनों को खुद ही संदेश भेजकर अलर्ट कर देगी, जिससे मरीज की जान बचाई जा सकेगी। चंबा जिले के चुवाड़ी के छात्रों ने हार्ट अटैक से लोगों की जान बचाने के लिए यह कलाई घड़ी बनाई है। घड़ी के इस प्रोटोटाइप म़ॉडल को एनआईटी हमीरपुर में चल रहे चार दिवसीय राज्यस्तरीय बाल विज्ञान सम्मेलन में प्रदर्शित किया गया है। जिसे देखकर हर कोई हैरान हो रहे है।
1300 में तैयार कर दी घड़ी
बता दे कि रिश्तेदार की रात के समय हार्ट अटैक आने से मौत होने के बाद छात्रा सुहानी ने इस मॉडल को बनाने के बारे में सोचा। इस घड़ी की खास बात यह है कि इसे पुराने सामान और कुछ नए उपकरणों की मदद से महज 1300 रूपये में बनाया गया है।। चुवाड़ी के हिमालयन पब्लिक सीनियर सेकेंडरी पब्लिक स्कूल की छात्रा सुहानी चौहान और पार्श्व शर्मा ने इस प्रोटोटाइप को बनाया है। इस अलर्ट सिस्टम का इस्तेमाल करने वाले व्यक्ति की पल्स रेट 50 प्रति मिनट से नीचे जाने पर पहले से फीड किए गए इमरजेंसी नंबर पर कॉल चली जाएगी। रक्तचाप के मरीजों में 50 से नीचे और 150 से ऊपर बीपी रहने पर हार्ट अटैक का खतरा रहता है। हालांकि, यह उपकरण निम्न रक्तचाप रहने पर अलर्ट देगा, इसमें उच्च रक्तचाप को लेकर प्रोग्रामिंग नहीं की गई है।
छात्रा सुहानी का कहना है कि उनके एक रिश्तेदार की हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। रात को वो कमरे में अकेले थे और सुबह उन्हें मृत हालत में देखा गया। किसी की हार्ट अटैक के कारण इस तरह से मौत न हो, इसके लिए यह अलर्ट सिस्टम विकसित किया गया है।
कार्डियक अलर्ट सिस्टम से लैस इस घड़ी को तैयार करने के लिए माइक्रो कंट्रोलर आरडीनो, एलडीआर सेंसर, दो इलेक्ट्रोड आरडीनी यूनो और दो बैटरी व स्विच एक एनपीएन ट्रांजिस्टर 547 और कॉलिंग मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया है। उपकरण में लगी दो इलेक्ट्रोड पल्स रेट को बताती हैं। यह इलेक्ट्रोड माइक्रो कंट्रोलर को पल्स रेट के 50 के नीचे जाने पर अलर्ट देंगे। अलर्ट मिलते ही माइक्रो कंट्रोलर से कॉलिंग मॉड्यूल को संकेत मिलेगा। संकेत मिलते ही इस सिस्टम में पहले से फीड नंबर पर कॉल चली जाएगी।

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