दिल्ली पुलिस आयुक्त का अहम आदेश- अवैध निर्माण रोकेगी नहीं, निकाय को सूचना देगी दिल्ली पुलिस

नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में अवैध निर्माण को लेकर अब दिल्ली पुलिस अफसरों व कर्मियों की खैर नहीं है। अगर कोई पुलिस कर्मी अवैध निर्माण में लिप्त पाए गए तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी। दिल्ली पुलिस आयुक्त ने अवैध निर्माण को लेकर आदेश जारी किया है कि दिल्ली पुलिस का काम निर्माण को रोकना व करवाना नहीं है बल्कि संबंधित निकायों को सिर्फ सूचना देना है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सूत्रों का कहना है कि पुलिस आयुक्त ने प्रॉपर्टी डीलर अमित गुप्ता की हत्या के बाद एक आदेश जारी किया है।

दिल्ली में अवैध निर्माण को लेकर दिल्ली पुलिस अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ शिकायतें मिलती रहती हैं। जहां भी अवैध निर्माण हो रहा होता है वहां पुलिसकर्मी पहुंचकर या तो निर्माण को रुकवाते हैं या फिर अवैध निर्माण होने की एवज में रिश्वत के तौर पर मोटी रकम वसूलते हैं। ऐसे में दिल्ली पुलिस की छवि खराब हो रही है। दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा की ओर से सकुर्लर (संख्या 36/2022) जारी कर पुराने नियमों को दोहराते हुए कहा है कि दिल्ली में सुशासन की अनेक चुनौतियों में से एक अवैध निर्माण की है। हालांकि, यह मामला प्राथमिक रूप से नगरपालिका व भूमि नियोजक संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र है। राज्य की विधि प्रवर्तन शाखा होने के नाते दिल्ली पुलिस के लिए कुछ प्रावधान किए गए हैं।

पुलिस आयुक्त ने सकुर्लर में कहा है कि प्राइवेट/निजी अवैध निर्माण के संदर्भ में पुलिस पुलिस की भूमिका मात्र संबंधित एमसीडी अधिकारी सूचना देना है। संबंधित निकाय अधिकारी को सूचना देने के बाद दिल्ली पुलिस अवैध निर्माण को लेकर तभी हस्तक्षेप कर सकती है जब निकाय अधिकारी अवैध निर्माण को रोकने, कामगारों को हटाने और निर्माण सामग्री की जब्त करने हेतु आदेश मिल सके।
इसके अलावा दिल्ली पुलिस को सिर्फ उस सूरत में हस्तक्षेप करने का अधिकार है जहां सरकारी भूमि पर अतिक्रमण की सूचना मिले और अतिक्रमण उसके सामने हो रहा हो। सकुर्लर में कहा गया है कि समय-समय दिल्ली के हर क्षेत्र से पुलिसकर्मियों के अनाचरण की शिकायतें मिलती रहती हैं। इससे पेशेवर पुलिस बल की छवि धूमिल हो रही है। अवैध निर्माण को लेकर कानून का पालन करना सभी की जिम्मेदारी है। किसी भी लापरवाही के लिए पुलिसकर्मी खुद जिम्मेदार होंगे।

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