प्यार में पागल यूपी पुलिस की महिला सिपाही ने पुलिसवालों को ही लगाया लाखों का चूना

  • यूपी पुलिस महिला सिपाही निकली ठग, लखीमपुर में गिरफ्तार
  • ठग बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर बनती थी लेडी कांस्टेबल को निशाना
  • ठगी के लिए सिपाही बन जाती थी दारोगा, दोनों को भेजा गया जेल

लखीमपुर खीरी,(उत्तर प्रदेश)। यूपी के लखीमपुर खीरी में तैनात एक महिला सिपाही के साथ प्लाट मकान दिलाने के नाम पर ठगी करने का एक अजीबोगरीब मामला प्रकाश में आया। यहां एक व्यक्ति पुलिस की वर्दी पहन वीआईपी ड्यूटी में अधिकारियों के साथ सेल्फी ले लेता था। इसके बाद फोटो दिखाकर महिला सिपाहियों से दोस्ती करके ठगी का तानाबाना बुनता था। महिला सिपाही ने आईजी लखनऊ से शिकायत की थी, जिसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक ठग की महिला सिपाही से लखनऊ में मुलाकात हुई थी। इसके बाद दोनों में प्यार हो गया और आरोपी का सच जानने के बाद भी महिला सिपाही उसका साथ देने लगी। ठगी के दौरान महिला सिपाही दारोगा की वर्दी पहनकर निकलती थी। मामले में आईजी जोन ने थाना अध्यक्ष मितौली सुनीत कुमार और एसपी के पीआरओ को सस्पेंड कर दिया है। दोनों पर पीड़ित महिला को एसपी से न मिलने देने का आरोप है।

घटनाक्रम का खुलासा मितौली थाने में तैनात महिला सिपाही से हुई आठ लाख की ठगी के बाद हुआ। मामले में पुलिस ने खुलासा करते हुए ठग और उसकी साथी महिला सिपाही को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है। मितौली थाने में तैनात महिला सिपाही गायत्री वर्मा ने प्लाट के नाम पर 8 लाख की ठगी का मुकदमा लिखाने के लिए थाने पर प्रार्थना पत्र दिया था। मुकदमा न लिखने से परेशान महिला ने रविवार शाम खुद को थाने के अपने सरकारी आवास में कैद कर लिया था। इससे बैकफुट पर आई पुलिस ने देर रात आखिरकार महिला सिपाही की तहरीर पर आरोपी राजन वर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
थाना अध्यक्ष सुनीत कुमार ने बताया ठग राजन वर्मा और उसकी साथी महिला सिपाही शालिनी कटियार को कस्ता सीतापुर रोड से गिरफ्तार कर लिया गया है। इनके कब्जे से पुलिस वर्दी में दोनों की फोटो और राजन का पुलिस विभाग का फर्जी कार्ड, आधार कार्ड भी बरामद किया गया है। फर्जी दस्तावेज मिलने के मामले में भी मितौली पुलिस ने एक मुकदमा भी दर्ज किया है। आरोपी महिला सिपाही शालिनी कटियार साहबपुर थाना सिकंदरा जिला कानपुर देहात की रहने वाली है। वह 2020 बैच की सिपाही है। इस समय वह लखनऊ के गोमती नगर थाना में तैनात है, उसका अटैचमेंट इन दिनों डीसीपी पूर्वी जोन लखनऊ के कार्यालय में है। मुख्य आरोपी राजन वर्मा पुलिस की वर्दी पहन कर लोगों से ठगी करता था। वह मिदनिया थाना कोतवाली सदर लखीमपुर का निवासी है। इन दिनों दोनों लखनऊ में एक ही साथ रहते हैं और ठगी की घटनाओं को अंजाम देते थे।

आरोपी राजन वर्मा और महिला सिपाही शालिनी कटियार की मुलाकात लखनऊ में एक वीआईपी ड्यूटी के दौरान हुई। इस ड्यूटी में राजपूती वर्दी पहन कर गया था। अधिकारियों के साथ फोटो खींचने के दौरान दोनों की नजदीकियां बढ़ गई। शादी का झांसा देकर दोनों काफी करीब आ गए और फिर दोनों ने मिलकर ठगी का धंधा शुरू कर दिया। इन दोनों ने पहला निशाना श्रावस्ती की महिला सिपाही वीनस वर्मा को बनाया। इस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बाद भी कोई कार्यवाही ना होने से दोनों के हौसले बुलंद हो गए। दोनों ने मितौली थाने की महिला सिपाही गायत्री वर्मा को भी ऐसा निशाना बना डाला।

राजन वर्मा की साथी महिला सिपाही की भर्ती पुलिस विभाग में आरक्षक के पद पर 2020 में हुई थी। वह दारोगा की वर्दी पहन कर ठगी में राजन का साथ देती थी। वहीं राजन पुलिस की वर्दी पहन कर खुद को अपर पुलिस महानिदेशक कार्यालय लखनऊ में तैनात बताता था। दोनों की वर्दी वाली फोटो पुलिस ने सुरक्षित कर ली है। राजन वर्मा केवल एक ही पुलिस वालों को ही निशाना बनाया था। इसके लिए महिला सिपाहियों को मुफीद समझता था। पहले वह संबंधित थाने के सिपाहियों से दोस्ती करता था और उसके बाद महिला सिपाहियों को जमीन दिलाने के नाम पर ठगी का शिकार बनाता था। सबसे पहले राजन ने सालनी कटिहार को निशाना बनाया और उसे अपने गैंग में भी शामिल कर लिया। इसके बाद बाराबंकी की विषय वर्मा और मितौली की गायत्री वर्मा को शिकार बनाया।

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