टिहरी बांध की झील में सी प्लेन का ट्रायल रहा सफल, दो दिन और होगा अभ्यास

उत्तराखंड में एशिया के सबसे बड़े बांधों में से एक टिहरी बांध की झील में सी प्लेन उतारने का पहला सफल ट्रायल किया गया। टिहरी बांध की झील में सी प्लेन उतारने का परीक्षण लंबे समय से चल रहा था।
देहरादून/एजेंसी। उत्तराखंड के लिए आज का दिन यादगार बन गया। एक तरफ जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिल्ली-देहरादून दिल्ली एक्सप्रेसवे का लोकार्पण किया। वहीं दूसरी ओर एशिया के सबसे बड़े बांधों में से एक टिहरी बांध की झील में सी प्लेन उतारने का पहला सफल ट्रायल किया गया। टिहरी बांध की झील में सी प्लेन उतारने का परीक्षण लंबे समय से चल रहा था। लेकिन आज सारी बाधाओं को दूर कर इस परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया गया।
बता दें इससे पहले ऋषिकेश में पशुलोक बैराज में सी प्लेन उतारने के दो ट्रायल किए गए जो सफल रहे। वहीं, आज एशिया के सबसे बड़े बांधों में से एक टिहरी बांध की झील में आज शाम साढ़े पांच बजे के समय सी प्लेन का ट्रायल किया गया। स्काई होप प्राइवेट लिमिटेड की ओर से सी प्लेन का यह ट्रायल किया गया। शाम के समय जॉलीग्रांट एयरपोर्ट से उड़ान भरने के बाद शाम साढ़े पांच बजे कोटि कालोनी स्थित टिहरी झील में सफलतापूर्वक उतरा। कंपनी ने झील में सी प्लेन की दो बार लैंडिंग और टेक ऑफ का अभ्यास भी किया। बुधवार और गुरुवार को भी टिहरी झील में सी प्लेन के लैंडिंग और टेक ऑफ का ट्रायल किया जाएगा।
टिहरी झील में सी प्लेन उतरने की कवायद काफी लंबे समय से चल रही थी लेकिन सफलता इस बार मिली है। जिसके बाद उत्तराखंड में पर्यटन को नई गति मिलेगी। इस सेवा से आपदा और राहत कार्यों में भी तेजी आएगी। टिहरी झील में सी प्लेन के सफल ट्रायल के बाद आर्थिक विकास और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जिला पर्यटन अधिकारी सोबत सिंह राणा ने बताया कि टिहरी बांध की झील में पहली बार स्काई हाफ प्राइवेट लिमिटेड कंपनी की ओर से 19 सीटर सी प्लेन उतारने का ट्रायल सफल रहा। अभी दो दिन और सी प्लेन झील में उतारने का ट्रायल किया जाना है।
टिहरी जनपद के डीएम नितिका खंडेलवाल ने बताया कि कंपनी के अधिकारियों के अनुसार बुधवार और गुरूवार को भी टिहरी झील में सी प्लेन का ट्रायल किया जाएगा। डीएम खंडेलवाल ने बताया कि सी प्लेन उतरने से बोटिंग गतिविधियां प्रभावित न हो इसके लिए बेहतर चाक-चौबंद व्यवस्थाएं बनाई जाएंगी। टिहरी झील में सी प्लेन सेवा प्रारंभ होने से पर्यटन को और अधिक प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।




