पंजाब के मंत्री लालचंद कटारुचक पर लगे यौन शोषण के आरोप, भाजपा ने मांगा इस्तीफा

नयी दिल्ली। भाजपा ने रविवार को पंजाब के मंत्री लालचंद कटारुचक के तत्काल इस्तीफे और उन पर लगे यौन शोषण के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पीड़ित द्वारा भेजे गए पत्र के बाद शुक्रवार को पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया, जिसमें कटारुचक पर लगे आरोपों पर रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। पीड़ित ने मंत्री पर उसे और उसके परिवार को धमकी देने का भी आरोप लगाया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘‘यह यौन शोषण, यौन दुराचारी व्यवहार, अय्याशी और सबसे बढ़कर नैतिक अधमता तथा निम्नतम स्तर तक नैतिक पतन की एक भयानक कहानी है।’’

मंत्री पर पीड़ित द्वारा लगाए गए आरोपों का हवाला देते हुए पूनावाला ने कहा कि कटारुचक ने एक ‘दलित लड़के’ का शोषण किया है। उन्होंने कहा, हम मंत्री के तत्काल इस्तीफे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हैं, जिसमें राज्य सरकार की कोई भूमिका न हो। पूनावाला ने कहा कि कटारुचक पंजाब सरकार में एक प्रभावशाली मंत्री हैं और उनके मुख्यमंत्री भगवंत मान तथा दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के साथ बहुत करीबी संबंध हैं। उन्होंने कहा, जब तक कटारुचक पंजाब सरकार में मंत्री हैं, तब तक उनके खिलाफ लगे आरोपों की निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती। पूनावाला ने दावा किया कि पीड़ित के जीवन को खतरा है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पीड़ित के पत्र का हवाला देते हुए शुक्रवार को कहा था कि कटारुचक ने पीड़ित से कथित तौर पर ‘‘2013-14में फेसबुक पर दोस्ती का अनुरोध भेजकर संपर्क किया था और जब उसने इसे स्वीकार कर लिया तो कटारुचक ने उसके करीब आना शुरू कर दिया।’’

पीड़ित ने दावा किया, चूंकि वह (कटारुचक) एक प्रभावशाली व्यक्ति थे, उन्होंने मुझे सरकारी नौकरी देने का वादा किया था जिसके कारण मैं चुप रहा। उस समय कुछ भी समझ पाने के लिए मेरी उम्र बहुत कम थी। लेकिन, उनकी यौन ज्यादती 2021 तक जारी रही। हालांकि, वह मुझसे आखिरी बार 2021 में दीपावली पर मिले थे तथा उन्होंने ना तो मुझे नौकरी दी और ना ही वह उसके बाद मुझसे मिले। उसने आरोप लगाया, मैं अब भागता फिर रहा हूं और दिल्ली में शिकायत दर्ज करा रहा हूं क्योंकि मंत्री मुझे और मेरे परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दे रहे हैं। हाल में कांग्रेस नेता सुखपाल सिंह खैरा ने इस मामले पर एक वीडियो पंजाब के राज्यपाल बनवारीलाल पुरोहित को सौंपा था। सूत्रों ने शनिवार को जानकारी दी कि राज्यपाल ने कटारुचक के आपत्तिजनक वीडियो की फॉरेंसिक रिपोर्ट मुख्यमंत्री मान को भेज दी है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट के अनुसार, वीडियो से छेड़छाड़ नहीं की गई है। पीड़ित की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग ने पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया और मुख्य सचिव तथा पुलिस महानिदेशक को मामले की जांच करने तथा डाक या ईमेल के माध्यम से कार्रवाई रिपोर्ट तत्काल प्रस्तुत करने को कहा। आयोग ने उनसे पीड़ित को सुरक्षा मुहैया कराने को भी कहा।

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