महाठग सुकेश चंद्रशेखर को दिल्ली कोर्ट से मिली जमानत, लेकिन जेल से नहीं आएगा बाहर

नई दिल्ली/एजेंसी। दिल्ली की राज्य प्रवर्तन अदालत ने कथित ठग सुकेश चंद्रशेखर को ‘टू लीफ’ चुनाव चिह्न से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में जमानत दे दी है। हालांकि कई अन्य मामलों में जेल में बंद होने के कारण वह फिलहाल रिहा नहीं हो सकेगा।
अदालत ने सुकेश को 5 लाख रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देते हुए कहा कि संविधान में व्यक्तिगत स्वतंत्रता सबसे महत्वपूर्ण अधिकारों में से एक है। कोर्ट ने टिप्पणी की कि एक ओर अदालतें व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बात करें और दूसरी ओर बिना पर्याप्त कारण के उसे सीमित करें, यह उचित नहीं है।
यह मामला प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस से जुड़ा है, जो चुनाव चिह्न ‘टू लीफ’ को लेकर कथित धोखाधड़ी और अवैध लेनदेन के आरोपों से संबंधित है। इस मामले में ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट (पीएमएलए) के तहत केस दर्ज किया था।
कोर्ट ने अपने आदेश में माना कि मनी लॉन्ड्रिंग गंभीर अपराध है और इसके लिए विशेष कानून बनाया गया है, लेकिन यह कानून ऐसा हथियार नहीं बन सकता जिसके आधार पर किसी आरोपी की स्वतंत्रता को लंबे समय तक रोका जाए। अदालत ने यह भी कहा कि सुकेश चंद्रशेखर के खिलाफ कुल 31 मामले दर्ज हैं और इनमें से 26 मामलों में उसे पहले ही जमानत मिल चुकी है। बावजूद इसके अन्य मामलों के कारण वह अभी भी जेल में बंद है।
कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि इस मामले में आरोपी पहले ही काफी समय जेल में बिता चुका है, जो पीएमएलए की धारा 4 के तहत संभावित सजा की आधी अवधि से अधिक है। ऐसे में उसे जमानत देना न्यायसंगत है। हालांकि अदालत से राहत मिलने के बावजूद अन्य लंबित मामलों के कारण सुकेश चंद्रशेखर फिलहाल जेल में ही रहेगा।




