कौशाम्बी में डीएम ने कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा, लापरवाही पर उप कृषि निदेशक का वेतन रोका

सचिन पाण्डेय,कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। कौशाम्बी के जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने उदयन सभागार में कृषि विभाग एवं कृषि एलाइड विभागों की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की। बैठक में मृदा स्वास्थ्य कार्ड की समीक्षा के दौरान उन्होंने उप कृषि निदेशक से खेतों की उर्वरता और उत्पादकता में हुए सुधार की जानकारी प्राप्त की और इस पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। डीएम ने एआर कोऑपरेटिव को आगामी मांग को देखते हुए खाद की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
उन्होंने परम्परागत कृषि विकास योजना, एग्री जंक्शन, पीएम कुसुम योजना और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की प्रगति की समीक्षा करते हुए उप कृषि निदेशक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पं. दीनदयाल उपाध्याय किसान समृद्धि योजना और पीएमकेएसवाई की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि कराए गए पक्के कार्यों का सत्यापन खंड विकास अधिकारी से कराया जाए।
जिला उद्यान अधिकारी को प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और पीएमएफएमई योजना के अंतर्गत आवंटित लक्ष्य के सापेक्ष प्रगति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले पांच स्वयं सहायता समूहों को चिन्हित कर खाद्य प्रसंस्करण की बड़ी यूनिट स्थापित कराने के लिए जिला उद्यान अधिकारी, उपायुक्त स्वतः रोजगार और एलडीएम की टीम गठित करने के निर्देश दिए।
जिला खाद्य विपणन अधिकारी को गेहूं खरीद संबंधी सभी तैयारियां समय से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। उप कृषि निदेशक से फार्मर रजिस्ट्री की प्रतिदिन की प्रगति की जानकारी प्राप्त करते हुए डीएम ने कहा कि आगामी दस दिनों में फार्मर रजिस्ट्री का शत-प्रतिशत कार्य पूरा कराया जाए। एफपीओ से फीडबैक लेते हुए उन्होंने उप कृषि निदेशक को निर्देश दिया कि विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित कर एफपीओ को प्रोत्साहित किया जाए, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके। कार्य में लापरवाही पाए जाने पर जिलाधिकारी ने उप कृषि निदेशक का वेतन रोकने के निर्देश दिए। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी विनोद राम त्रिपाठी सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।




