फतेहपुर के अंजनाकबीर कंपोजिट विद्यालय में उर्दू में नाम लिखे जाने पर विवाद, शिक्षा विभाग ने मांगा स्पष्टीकरण

सत्येंद्र शुक्ला,फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। जिले के खखरेरू थाना क्षेत्र में शैक्षिक सत्र की शुरुआत के साथ धाता ब्लॉक के अंजनाकबीर कंपोजिट विद्यालय में नाम उर्दू भाषा में लिखे जाने को लेकर विवाद खड़ा हो गया। इस मामले में हिंदू संगठनों ने नाराजगी जताते हुए कार्रवाई की मांग की है। संगठनों का कहना है कि परिषदीय विद्यालयों का नाम और स्थान हमेशा हिंदी भाषा में लिखा जाता है, लेकिन अंजनाकबीर कंपोजिट विद्यालय के नए भवन में हिंदी के साथ उर्दू भाषा में भी नाम अंकित किया गया है।
हिंदू सुरक्षा परिषद के पदाधिकारी आशीष शुक्ला ने आपत्ति जताते हुए कहा कि जब विद्यालय में उर्दू भाषा की पढ़ाई नहीं होती तो उर्दू में नाम लिखने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि उर्दू में नाम लिखा जा सकता है तो संस्कृत में क्यों नहीं लिखा गया। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि शिक्षा विभाग जल्द इस मामले में सुधार नहीं करता है तो आंदोलन किया जाएगा।
प्रधानाध्यापक अयूब ने इस संबंध में बताया कि गलती से विद्यालय का नाम उर्दू में लिखवा दिया गया था, जिसे अब मिटवा दिया गया है। वहीं खंड शिक्षा अधिकारी संजय कुमार सिंह ने कहा कि प्रधानाध्यापक से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है। इस विवाद के चलते क्षेत्र में शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और संगठनों ने स्पष्ट किया है कि यदि समय रहते सुधार नहीं किया गया तो विरोध तेज किया जाएगा।




