ईरान ने होर्मुज में इजरायल से जुड़े जहाज पर हमले का किया दावा

तेहरान/एजेंसी। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया है कि उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य में इजरायल से जुड़े एक जहाज को ड्रोन हमले का निशाना बनाया, जिससे जहाज में आग लग गई। इस हमले में जहाज को भारी नुकसान पहुंचने का भी दावा किया जा रहा है। ईरान का कहना है कि हमले के कारण जहाज की रफ्तार भी धीमी पड़ गई है। हालांकि, इस घटना में क्रू के किसी सदस्य के हताहत होने की खोई खबर नहीं है। IRGC की नौसेना ने X पर पोस्ट करते हुए कहा, “होर्मुज़ जलडमरूमध्य में ज़ायोनी शासन से जुड़े एक जहाज पर ड्रोन से हमला किया गया… जिससे जहाज में आग लग गई।” उन्होंने आगे बताया कि इस जहाज का नाम MSC Ishyka था। ईरान के इस दावे पर इजरायल ने अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
मरीन ट्रैफिक वेबसाइट के अनुसार, MSC Ishyka एक कंटेनर जहाज है। यह इस सम फारस की खाड़ी में मौजूद है। हालांकि, इस जहाज पर लाइबेरिया का झंडा लगा हुआ है। इसकी कुल लंबाई 208 मीटर और चौड़ाई 29.8 मीटर है। वेबसाइट में इस जहाज का गंतव्य बहरीन के हिद्द बंदरगाह बताया जा रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे संघर्ष के बीच होर्मुज स्ट्रेट से तेल और गैस टैंकर की आवाजाही बुरी तरह प्रभावित हुई है। होर्मुज से जहाजों का ट्रांजिट पूरी तरह से ईरान के नियंत्रण में है। जापानी मीडिया के अनुसार, 28 फरवरी से शुरू हुए हमलों के बीच फ्रांस, ओमान और जापान के जहाज होर्मुज स्ट्रेट से सफलतापूर्वक निकले हैं। ‘द जापान टाइम्स’ ने बताया कि शिप ट्रैकिंग कंपनी मरीन ट्रैफिक की वेबसाइट के मुताबिक, दोनों जहाज गुरुवार को पार कर गए। तीन टैंकर, जिसमें एक जापानी कंपनी का को-ओनरशिप वाला भी शामिल है, गुरुवार को दक्षिणी रास्ते से होर्मुज स्ट्रेट पार कर गए।
‘द जापान टाइम्स’ के अनुसार, दूसरे देश जिनके जहाजों ने ट्रांजिट की, वे संयुक्त अरब अमीरात, चीन, भारत, सऊदी अरब, ओमान, ब्राजील और इराक हैं। आंकड़ों से यह साफ नहीं था कि तेहरान ने कितने जहाजों के ट्रांजिट की मंजूरी दी थी, लेकिन इससे पता चला कि माल ले जाने वाले 118 जहाजों में से 37 गल्फ से कच्चा तेल लेकर निकले थे। इनमें से अधिकांश तेल टैंकर करीब 30 या तो ईरान से आए थे या ईरानी झंडे के तहत संचालित हो रहे थे। वहीं, ईरानी तेल ले जाने वाले ज्यादातर जहाजों ने अपने ट्रांसपोंडर पर गंतव्य स्थान की जानकारी साझा नहीं की थी। जिन लोगों ने ऐसा किया, उनमें से एक को छोड़कर सभी ने बताया कि वे चीन जा रहे थे।

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