‘रेप से पहले पिलाता था खारा पानी’, ढोंगी बाबा अशोक खरात केस में एसआईटी का चौंकाने वाला खुलासा

मुंबई/एजेंसी। महिलाओं से दुष्कर्म के मामले में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने रविवार को नासिक के ज्योतिषी अशोक खरात की पुलिस हिरासत 1 अप्रैल तक बढ़ा दी है। जांच अधिकारी ने कोर्ट को बताया कि जांच अभी चल रही है और जब्त किए गए फोन की क्लोन कॉपी का विश्लेषण करने के लिए डिजिटल विशेषज्ञों की जरूरत है और यह विश्लेषण खरात की मौजूदगी में ही किया जाना जरूरी है।
इस मामले की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने राज्य फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला से फोन की क्लोन कॉपी हासिल कर ली है। खरात के खिलाफ अब तक 10 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं, जिनमें से 8 रेप से जुड़ी हैं।
सहायक सरकारी वकील शैलेंद्र बागाडे ने कोर्ट को बताया कि एसआईटी जिन कई अहम पहलुओं की जांच कर रही है उनके बारे में जानकारी देने में खरात ने अब तक बहुत कम सहयोग किया है। उन्होंने कहा कि इस बात की संभावना है कि खरात ने अपने अहम संपर्कों के मोबाइल नंबर किसी दूसरे नाम (उपनाम) से सेव किए हों, इसलिए उनकी मौजूदगी में मोबाइल डेटा की जांच करना जरूरी है।
बागाडे ने बताया कि जांचकर्ता खरात की उन सभी चल और अचल संपत्तियों का पता लगा रहे हैं, जिनके बारे में उन्हें शक है कि खरात ने उन्हें अपने नाम पर या किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर हासिल किया है। बगाडे ने बताया कि जिस मामले में उसे गिरफ्तार किया गया था, उसमें उस ज्योतिषी ने पीड़िता को पीने के लिए कुछ “खारा और कड़वा पानी” दिया था, जिसे पीने के बाद उसे “चक्कर आने लगे” थे और फिर उसने उसके साथ दुष्कर्म किया।
उन्होंने कहा कि एसआईटी इस पानी के सोर्स की जांच करेगी और यह पता लगाएगी कि खरात ने उसमें क्या मिलाया था। इस बीच एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारियों ने उन रिपोर्टों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया, जिनमें कहा गया था कि राज्य महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को खरात के चैरिटेबल ट्रस्ट से उनके संबंधों के बारे में पूछताछ के लिए बुलाया गया था।
चाकणकर इस ट्रस्ट से एक ट्रस्टी के तौर पर जुड़ी हुई थीं। इस दिन इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले के बीच तीखी बहस भी देखने को मिली।

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